कार्यकाल पूरा होने तक मिलती रहेगी फेलोशिप
इसके अलावा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने कहा कि किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना फेलो मौजूदा मानदंडों के अनुसार कार्यकाल पूरा होने तक अपनी फेलोशिप प्राप्त करना जारी रखेंगे। डीएसटी ने केवीपीवाई को इंस्पायर फेलोशिप योजना में शामिल करने का फैसला किया है। केवीपीवाई एप्टीट्यूड टेस्ट वर्ष 2022 से आगे आयोजित नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर का था फेलोशिप प्रोग्राम
केवीपीवाई की वेबसाइट kvpy.iisc.ernet.in पर एक बयान के अनुसार, चल रहे केवीपीवाई फेलो को डीएसटी से मानदंडों के अनुसार फेलोशिप मिलती रहेगी। केवीपीवाई भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक राष्ट्रीय स्तर का फेलोशिप प्रोग्राम था। फेलोशिप योजना के लिए युवा वैज्ञानिकों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट आयोजित किया जाता है। परीक्षा के लिए कक्षा 11वीं से लेकर बीएससी, बीएस, बी स्टेट, बी मैथ, इंटीग्रेटेड एमएससी और इंटीग्रेटेड एमएस जैसे बेसिक साइंस कोर्स के प्रथम वर्ष के छात्र पात्र होते थे।
प्रदर्शन के आधार पर फेलोशिप के लिए शॉर्टलिस्ट होते थे उम्मीदवार
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु की ओर से किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (KVPY 2021) परीक्षा विज्ञान के क्षेत्र में स्नातक, परास्नातक और एकीकृत डिग्री फेलोशिप कार्यक्रमों के लिए आयोजित की जाती है। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप है। फेलोशिप के लिए पात्र होने के लिए, उम्मीदवारों को एप्टीट्यूड टेस्ट में उपस्थित होने और अर्हता प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। उम्मीदवारों को योग्यता परीक्षा और एक साक्षात्कार में उनके प्रदर्शन के आधार पर फेलोशिप के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।