जो बच्चे मूक, बधिर, दृष्टिहीन और मानसिक रूप से कमजोर हैं उनको शिक्षा देने के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती की जाती है। खास बात ये है कि अब महिलाओं की तरह पुरुषों को भी उम्रसीमा में छूट मिलेगी। उपराज्यपाल ने इसकी पहल की है, उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए उन्होंने विशेष शिक्षकों की भर्ती में पुरुषों को भी उम्रसीमा में छूट देने की मंजूरी दे दी है।
इस साल 2 जुलाई को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में पुरुषों को भी अधिकतम उम्रसीमा में छूट का निर्देश दिया गया। ये फैसला जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की पीठ ने सरकार को पीठ ने दिया। आदेश तो आ गया पर इस पर सरकार ने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दिखाई।
शैयद मेहदी ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से दाखिल याचिका दी थी। जिसमें उन्होंने में महिलाओं की तरह अब पुरुषों को भी विशेष शिक्षकों की नियुक्ति में आयुसीमा 10 साल की छूट देने की मांग की थी। जब पीठ को इस बात का पता चला तो उन्होंने इस याचिका पर मेहदी और युवाओं को आयुसामी में छूट का आदेश दे दिया था।