कोरोना वायरस की वजह से देश में कई जगह परीक्षाएं न कराने को लेकर लोग कोर्ट तक जा रहे हैं, वहीं केरल ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को सुरक्षित परीक्षा कराकर एक नई उम्मीद जगाई है। इस राह पर आगे बढ़ते हुए कर्नाटक में पूर्व विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम के लिए गुरूवार को परीक्षा हुईं।
केरल की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में लगभग 13 लाख विद्यार्थियों नें भाग लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केरल के वित्तमंत्री ने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए कड़े मानदंड तय किये थे।
केरल राज्य ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित करने से पहले छात्रों की स्क्रीन करने को लिए 5,000 इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदे थे और 3,000 केंद्रों पर 5 दिन तक आयोजित की गई परीक्षाओं के दौरान 25 लाख से अधिक मास्क विद्यार्थियों को दिए गए।
बच्चों की निगरानी करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी और अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती की गई। वहीं स्कूलों को सुबह और शाम आला अफसर की निगरानी में सेनेटाइज भी किया जाता था। वहीं छात्रों को तीन मीटर की दूरी पर बिठाया जाता था। कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण केरल राज्य ने 25 मार्च के बाद स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था।