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केरल में आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालयों में चल रही हैं आभासी  कक्षाएं

Fri, 12 Jun 2020 02:57 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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केरल में पुस्तकालयों में चल रही ऑनलाइन कक्षाएं - फोटो : Social media
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केरल में आंगनवाड़ी केंद्रों और पुस्तकालयों में आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। शिक्षा विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह पहली की है। यह पहल इसलिए की गई है क्योंकि सूबे में चल रही आभासी कक्षाओं में भाग लेने के लिए कई विद्यार्थियों ने संसाधनों का प्रबंधन करने में असमर्थता जताई थी। शिक्षा विभाग का कहना है कि आर्थिक तौर पर पिछड़े विद्यार्थियों को आभासी कक्षाओं में शामिल होने में दिक्कत हो रही थी।

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सूबे के सहायक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इस साल स्कूल खोलना कुछ हद तक असंभव है लेकिन सूबे की सरकार ने ऑनलाइन सीखने का नया तरीका पेश किया है। एक जून से ही ऑनलाइन लर्निंग का ट्रायल चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक तौर पर पिछड़े विद्यार्थियों के घरों में  स्मार्टफोन और टीवी सेट की अनुपलब्धता के कारण विभाग द्वारा स्थापित केंद्रों तक गरीब और पिछड़े समुदायों के छात्र शिक्षा लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

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दरअसल ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए संसाधनों की अनुपलब्धता की वजह से सूबे में आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद सरकार इसे लेकर अतिरिक्त सचेत हुई है। एक शिक्षक का कहना है कि आदिवासियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा के लिए कोझीकोड के मारुथोंकरा में एक कक्षा है। इस कक्षा में लैपटॉप, प्रोजेक्टर और स्क्रीन की सुविधा प्रदान की गई है। यह सुविधा मारुथोंकरा ग्राम पंचायत द्वारा प्रदान की गई है। बता दें कि सूबे के शिक्षा विभाग द्वारा अपने चैनल विक्टर्स के जरिए विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके जरिए हर रोज सुबह दस बजे से लेकर शाम 5 बजे तक विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।

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