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Kerala: बच्चों के खिलाफ हिंसा रोकने की दिशा में केरल सरकार का सराहनीय कदम, स्कूलों में लगेंगे हेल्प बॉक्स

Sat, 09 Aug 2025 07:32 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Kerala: बच्चों के खिलाफ होने की हिंसा को रोकने की दिशा में कदम उठाते हुए केरल सरकार ने 'सुरक्षा मित्रम' नामक योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस दिशा में स्कूलों में 'हेल्प बॉक्स' भी लगाए जाएंगे।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik (अमर उजाला ग्राफिक्स)
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विस्तार
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Kerala: बच्चों के खिलाफ हिंसा को रोकने की दिशा में केरल सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए 'सुरक्षा मित्रम' योजना शुरू करने की घोषणा की है। दरअसल, सरकार ने यह निर्णय एक तटीय जिले में चौथी कक्षा की एक बच्ची के साथ उसके पिता और सौतेली मां द्वारा कथित दुर्व्यवहार के बाद लिया गया है।

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बच्चों के खिलाफ हिंसी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं: शिवनकुट्टी

राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शनिवार को एक व्यापक कार्य योजना, 'सुरक्षा मित्रम' की घोषणा की। बच्ची से मिलने और उससे बातचीत करने के बाद शिवनकुट्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जोर देकर कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, "सरकार इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से ले रही है और बच्ची के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करेगी।"

पीड़ित बच्चों की पहचान करने के लिए कार्य योजना तैयार

सामान्य शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई विशेष कार्य योजना, दुर्व्यवहार से पीड़ित बच्चों की पहचान करने और उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है।

स्कूलों में लगेंगे हेल्प बॉक्स

इस पहल के तहत, केरल के सभी स्कूलों में एक 'हेल्प बॉक्स' लगाए जाएंगे जहां छात्र अपनी समस्याएं बता सकते हैं। इस बॉक्स की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका की होगी, जिन्हें रिपोर्ट की समीक्षा करने और संबंधित जानकारी सामान्य शिक्षा विभाग को भेजने के लिए इसे सप्ताह में कम से कम एक बार खोलना होगा।

शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में बदलावों को देखने और किसी भी समस्या की पहचान करने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक सहायक वातावरण बनाने के लिए मैत्रीपूर्ण बातचीत और सावधानीपूर्वक अवलोकन पर जोर दिया जाएगा।
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हालिया मामला ऐसे आया प्रकाश में

हाल ही में दुर्व्यवहार का मामला तब सामने आया जब एक शिक्षिका ने देखा कि लड़की ने अपनी नोटबुक में अपने साथ हुए शारीरिक दुर्व्यवहार के बारे में लिखा था।

शिवनकुट्टी ने कहा कि बच्चों को डायरी लिखने और जीरो पीरियड्स सेशन के माध्यम से अपनी चिंताओं को खुलकर व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह परियोजना महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, स्थानीय स्वशासन, स्वास्थ्य और पुलिस विभागों के समन्वय से क्रियान्वित की जाएगी।

कठिनाइयों का सामना कर रहे अभिभावकों को परामर्श प्रदान करने के लिए मौजूदा पेरेंटिंग क्लीनिकों को सुदृढ़ किया जाएगा। सरकार सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए गृहों और विशेष सुविधाओं का भी पूर्ण उपयोग करेगी।

मंत्री ने बाल सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा, "सार्वजनिक शिक्षा निदेशक जल्द ही बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया जारी करेंगे।"
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