परीक्षा के बाद चर्चा करते अभ्यर्थी।
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कर्नाटक प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन विभाग की तरफ से प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (पीयूसी) शुरू हो चुकी है। विभाग द्वारा पीयूसी-1 और पीयूसी-2 परीक्षाओं के दिशा-निर्देशों को जारी कर दिया है। परीक्षा को दो चरण में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में सुबह के 9.30 बजे से दोपहर 12.45 बजे के दौरान परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। दूसरे चरण में दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। गुरुवार से पीयूसी-2 की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। गुरुवार को हिस्ट्री और फिजिक्स की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों पर छात्र परीक्षा देने के लिए निर्धारित समय पर पहुंचे। 23 दिसंबर, 2021 तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
इन महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का छात्रों को करना है पालन
प्रवेश पत्र से परीक्षा हॉल में मिलेगा दाखिला
कर्नाटक प्री-यूनिवर्सिटी एजुकेशन विभाग की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा हॉल में प्रवेश पत्र लेकर ही छात्र पहुंचे। वह प्रवेश पत्र को ले जाना बिल्कुल भी न भूलें, क्योंकि इसके बिना उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड पर बताए अनुसार परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को एक फोटो आईडी प्रूफ जैसे आधार या वोटर कार्ड और अन्य अनिवार्य दस्तावेज भी ले जाने होंगे।
कोविड-19 के नियमों का अवश्य पालन करें
केंद्र सरकार के अधीनस्थ स्वास्थ्य मंत्रालय की लगातार कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन के मामलों पर निगरानी है। कर्नाटक राज्य में इस वैरिएंट की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने भी विभिन्न विभागों को कोविड-19 से जुड़े नियमों का सख्त तरीके से पालन करने की हिदायत दी है। साथ ही पीयूसी-1 और पीयूसी-2 परीक्षाओं के संबंध में छात्रों से कहा गया है कि वह परीक्षा केंद्रों में रहते हुए। परीक्षा के दौरान कोविड-19 से जुड़े दिशा निर्देशों का पालन करें। सामाजिक दूरी बनाएं रखें। उन्हें हर समय मास्क पहनना होगा और अपने हाथों को सेनेटाइज करते रहना होगा।
परीक्षा पैटर्न से बदलाव के कारण बदली तारीखें
विभाग द्वारा पहले 29 नवंबर से 10 दिसंबर, 2021 के बीच पीयूसी परीक्षाओं का आयोजन किया जाना था, लेकिन बाद में परीक्षा पैटर्न में बदलाव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। बदले गए परीक्षा स्वरूप के तहत परीक्षाओं के बदलाव के तरीकों को व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए स्कूलों को अधिक समय बोर्ड द्वारा प्रदान किया गया। जिसके कारण परीक्षाओं की पूर्व तिथियों को स्थगित किया गया।
प्रत्येक तालुका में नोडल सेंटर की स्थापना की थी तैयारी
कर्नाटक पूर्व-विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग की तरफ से पहले कहा गया था कि प्रत्येक तालुका में नोडल सेंटर स्थापित किया जाएगा। जिसमें उत्तर पत्रिकाओं और प्रश्न पत्रों को बांटा जाएगा। इसके अतिरिक्त मूल्यांकित उत्तर पत्रिकाओं के साथ अंक पत्र को भी उसी नोडल सेंटर पर एकत्रित किया जाएगा। एक बार परीक्षा आयोजित होने के बाद, उत्तर पुस्तिकाओं को राज्य भर के कॉलेजों में आक्समिक तौर पर वितरित किए जाने की तैयारी थी।
पीयूसी-2 परीक्षा मूल्यांकन पद्धति में कई बदलाव थे प्रस्तावित
विभाग ने कर्नाटक द्वितीय पीयूसी मध्यावधि परीक्षा मूल्यांकन पद्धति में कई बदलावों का भी प्रस्ताव दिया था। जिसमें जिला स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाने की योजना थी। लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया। अब, पीयू कॉलेज के प्राचार्य मूल्यांकन पूरा करेंगे और 31 दिसंबर तक विभाग को परिणाम रिपोर्ट जमा करेंगे।
पीयूसी परीक्षाओं के विषयों के पाठ्यक्रम https://pue.kar.nic.in पर देखें।