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Karnataka: राज्यपाल गहलोत ने छात्रों से NSS से जुड़कर समाज सेवा में भाग लेने का किया आह्वान, पढ़ें पूरी खबर

Mon, 17 Mar 2025 05:25 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Karnataka: कर्नाटका के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने छात्रों से राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर समाज सेवा में योगदान देने की अपील की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को साझा किया और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा दी।
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थावरचंद गहलोत - फोटो : PTI
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NSS volunteers: कर्नाटका के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सोमवार (17 मार्च) को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और छात्रों से समाज कल्याण के लिए सकारात्मक सोच विकसित करने, समाज सुधार में भाग लेने और समाज के लिए अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया। राज भवन में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा आयोजित राज्य पुरस्कार समारोह में गहलोत ने यह संदेश दिया। उन्होंने छात्रों से अपनी शैक्षिक गतिविधियों के साथ NSS में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

युवाओं की शक्ति किसी भी देश की प्रगति की नींव- कर्नाटका राज्यपाल

स्वामी विवेकानंद के उद्धरण का हवाला देते हुए गहलोत ने कहा, "युवाओं की शक्ति किसी भी देश की प्रगति की नींव है।" उन्होंने आगे कहा कि NSS के स्वयंसेवक स्वामी विवेकानंद के आत्मनिर्भरता, साहस और आत्मविश्वास के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर समाज और देश में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों में स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और पुनर्वास, साक्षरता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भावना को बढ़ावा देना शामिल है।

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गहलोत ने राष्ट्रीय पहलों जैसे 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया' और 'स्वच्छ भारत मिशन' में NSS स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कर्नाटका के पांच लाख से अधिक NSS स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए पुरस्कार प्राप्त करने वालों को उनके समर्पण और सेवा के लिए बधाई दी।

40 हजार स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुआ था एनएसएस

उन्होंने एनएसएस की विरासत पर भी प्रकाश डाला और कहा कि 1969 में 40,000 स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुआ यह कार्यक्रम आज विश्व के सबसे बड़े युवा स्वयंसेवी संगठनों में से एक बन गया है। राज्यपाल ने एनएसएस के आदर्श वाक्य "नॉट मी, बट यू" को पुनः रेखांकित किया, जो नि:स्वार्थ सेवा और दूसरों के प्रति सहानुभूति की भावना को दर्शाता है।

स्वामी विवेकानंद के एक और उद्धरण का उल्लेख करते हुए गहलोत ने छात्रों से कहा, "उठो, जागो और तब तक मत रुकिए जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।" उन्होंने छात्रों को स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेने और देश की सेवा में 'जिम्मेदार नागरिक' बनने की सलाह दी।

समारोह में कुल 48 पुरस्कार दिए गए, जिनमें दो सर्वोत्तम विश्वविद्यालयों/निर्देशालयों, दो सर्वोत्तम NSS कार्यक्रम समन्वयकों, 12 सर्वोत्तम NSS इकाइयों, 12 NSS कार्यक्रम अधिकारियों और 20 सर्वोत्तम NSS स्वयंसेवकों को उनकी असाधारण प्रतिबद्धता औरएनएसएस गतिविधियों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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