कर्नाटक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने सोमवार को कहा कि सूबे के सेकेंड्री प्री-यूनिवर्सिटी और सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा के नतीजे जुलाई के आखिरी हफ्ते या फिर अगस्त के पहले हफ्ते में जारी हो सकते हैं। राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के वक्त भी दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को सामान्य पदोन्नति देने की बजाय परीक्षा कराने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति को देखते हुए सीबीएसई ने भी दसवीं और बारहवीं की जुलाई में होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। लेकिन कर्नाटक सरकार ने विद्यार्थियों की परीक्षाओं को कराने का फैसला लिया है। वहीं, तेलंगाना और तमिलनाडु एवं पुडुचेरी ने कोरोना वायरस की वजह से दसवीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है और विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में भेजने का फैसला किया है।
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प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री का कहना है कि जिन निजी स्कूलों ने फीस बढ़ाई है उनके खिलाफ शिकायत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि फीस बढ़ाने को लेकर 1150 स्कूलों की शिकायतें मिली हैं। इनमें से 450 के खिलाफ शिकायत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमने इसे लेकर एक हेल्पलाइन भी स्थापित की है जिसमें मिलने वाली शिकायतों पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बालवाड़ियों को खोलने का फैसला 5 जुलाई के बाद लिया जाएगा। फिलहाल किसी भी बालवाड़ी के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की अनुमति नहीं है।