1. युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?
1999 में, पाकिस्तान ने गुप्त रूप से अपने सैनिकों और आतंकवादियों को कारगिल की ऊंचाई वाली पहाड़ियों में भेजा और भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने की कोशिश की।
2. ऑपरेशन विजय की शुरुआत
भारतीय सेना ने मई 1999 में "ऑपरेशन विजय" नाम से बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, जिसका लक्ष्य था - घुसपैठियों को खदेड़ना और भारत की सीमा को सुरक्षित करना।
3. 26 जुलाई विजय की तारीख
लगभग 60 दिनों की लड़ाई के बाद, 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने दुश्मनों को पूरी तरह पीछे धकेल दिया और घोषित किया गया कि मिशन सफल रहा। तभी से 26 जुलाई को “कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
4. कठिन परिस्थितियां, अडिग हौसला
युद्ध 16,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर लड़ा गया, जहां तापमान माइनस में था। फिर भी सैनिकों ने बिना पीछे हटे लड़ाई लड़ी।
5. वायुसेना की भूमिका
भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर चलाया और दुश्मन के बंकरों को निशाना बनाया। यह ऑपरेशन ज़मीन और आकाश के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बना।
6. युद्ध के नायक
कैप्टन विक्रम बत्रा ने अपने साहस से दुश्मन को धूल चटाई और उनका डायलॉग "ये दिल मांगे मोर" आज भी देशभक्ति का प्रतीक है। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला।
7. कारगिल युद्ध की खासियत
कारगिल युद्ध की सबसे प्रमुख विशेषता यह थी कि यह बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में लड़ा गया, जहां तापमान -10°C से -20°C तक चला जाता था।
8. 527 भारतीय सैनिकों का बलिदान
भारत ने इस युद्ध में 527 जवानों को खोया, लेकिन देश की सरहदों को दुश्मनों से मुक्त कराया। उनकी शहादत आज भी प्रेरणा है।
9. दो सबसे प्रमुख लड़ाई के क्षेत्र
कारगिल युद्ध में सबसे ज्यादा लड़ाई दो जगहों पर हुई थी। तोलोलिंग और टाइगर हिल। ये दोनों इलाके रणनीतिक रूप से बहुत अहम थे, जिन्हें भारतीय सेना ने बहादुरी से वापस जीता।
10. परमवीर चक्र विजेता
इस युद्ध में कुल 4 परमवीर चक्र (भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान) दिए गए। जिनमें कैप्टन बत्रा, योगेंद्र सिंह यादव और संजय कुमार जैसे नाम शामिल हैं।