करिअर काउसंलर अमित आहूजा के अनुसार, अब तक हुए राउंड के जारी किए गए आवंटित सीटों के अनुसार स्टूडेंट्स का रूझान शीर्ष सात आईआईटी की लोअर ब्रांच की तरफ ज्यादा देखने को मिल रहा है। स्टूडेंट्स टॉप आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खड़गपुर, रूड़की, गुवाहाटी की लोअर ब्रांच जैसे कैमिकल, एनर्जी इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग फिजिक्स, प्रोडक्शन एवं इंडस्ट्रियल, मटीरियल साइंस, मैटलर्जी, एयरोस्पेस, एन्वायरमेंटल, बायोटेक्नोलॉजी, बायो इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ओशियन इंजीनियरिंग, माइनिंग, अर्थ साइंस, एग्रीकल्चर एण्ड फूड इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचेंज को भी अन्य आईआईटी की कोर ब्रांचेज मुकाबले प्राथमिकता दे रहे हैं।
नए आईआईटी में कोर ब्रांचों को प्राथमिकता
इन अन्य आईआईटी में आईआईटी बीएचयू, धनबाद, हैदराबाद, जोधपुर, रोपड़, मंडी, इंदौर, गांधीनगर जैसी वर्ष 2012 में स्थापित आईआईटी शामिल है। स्टूडेंट्स केवल इन आईआईटी में कंप्यूटर साइंस ब्रांच को ही प्राथमिकता देते हैं, इसके अतिरिक्त इनकी अन्य ब्रांचों को टॉप आईआईटी की लोअर ब्रांचेज के बाद ही प्राथमिकता देते हैं। इसके बाद वर्ष 2017-18 में खुली हुई आईआईटी जैसे आईआईटी जम्मू, भिलाई, गोवा, धारवाड़, तिरुपति, पल्लकड़ आईआईटी की कोर ब्रांचों को अंत में चुना जाता है।
क्यों चुनते हैं विद्यार्थी शीर्ष आईआईटी की लोअर ब्रांच?
एक्सपर्ट आहूजा के अनुसार स्टूडेंट्स शुरुआती 8 हजार एआईआर तक टॉप-7 आईआईटी की कोर ब्रांच के अतिरिक्त लोअर ब्रांचेज को अन्य आईआईटी कोर ब्राचों के मुकाबले अधिक प्राथमिकता इसीलिए देते हैं, क्योंकि टॉप 7 आईआईटी में प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलता है। आईआईटी में विद्यार्थियों को स्वयं की ब्रांच के अतिरिक्त माइनर के रूप में अन्य ब्रांचों को लेने का मौका भी मिलता है, जिससे स्टूडेंट्स माइनर में आमतौर पर कंप्यूटर साइंस के सब्जेक्ट लेकर कोडिंग, प्रोग्रामिंग सीखकर अपनी प्रोफाइल को मजबूत बना लते हैं और ये आईआईटीज बड़ी प्लेसमेंट कंपनियों की भी प्राथमिकता में रहती हैं। इस कारण यहां के विद्यार्थी अच्छी कंपनियों में प्लेसमेंट प्राप्त करते हैं। इन आईआईटी में जॉब प्लेसमेंट के लिए कंपनियां भी अन्य आईआईटी के मुकाबले में ज्यादा संख्या में आती है जो हर फील्ड के बच्चों को प्लेसमेंट के लिए मौका देती है।
यह भी है महत्वपूर्ण
आहूजा ने बताया कि टॉप-7 आईआईटी में स्टूडेंट्स के पास अपनी प्रथम वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर ब्रांच चेंज करने का ऑप्शन भी उपलब्ध रहता है, जिससे कई विद्यार्थी दूसरे वर्ष में कोर ब्रांच तथा अच्छी ब्रांच में अपवर्ड हो जाते हैं। इसे देखते हुए ही विद्यार्थी टॉप-7 आईआईटी के ब्रांच के साथ कैंपस को प्राथमिकता देते हुए लोअर ब्रांच में भी एडमिशन लेते हैं। आईआईटी बीएचयू में पहले सेमेस्टर के बाद ब्रांच चेंज का प्रावधान है।