15 नई ब्रांचों में 383 सीटों पर प्रवेश मिलेगा
इंजीनियरिंग क्षेत्र में दाखिलों के लिए आईआईटी बॉम्बे में चार वर्षीय एनर्जी इंजीनियरिंग की 47 सीट, आईआईटी रूड़की में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग की 40 सीट, आईआईटी, गुवाहाटी की एनर्जी इंजीनियरिंग की 20 सीट, आईआईटी हैदराबाद में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विद आईसी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी की 16 सीट, आईआईटी गांधीनगर में पांच वर्षीय कंप्यूटर साइंस की 20 एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की 20, आईआईटी जोधपुर में फिजिक्स विद् स्पेशलाइजेशन एवं केमिस्ट्री विद स्पेशलाइजेशन की 32 सीट, आईआईटी रोपड़ में इंजीनियरिंग फिजिक्स की 25 सीट, आईआईटी धारवाड़ में केमिकल एवं बायोकेमिकल इंजीनियरिंग की 15 सीट, मैथेमेटिक एंड कंप्यूटिंग की 28 सीट, सिविल एवं इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग की 15 सीट, इंटर डिसिप्लनरी साइंसेज की 57 सीट, आईआईटी भिलाई में मेकाट्रोनिक्स इंजीनियरिंग की 20 सीट, पलक्कड़ में डेटा साइंस एंड इंजीनियरिंग की 28 सीट नई जुड़ी हैं, जिन पर प्रवेश शुरू किया गया है। इन 10 आईआईटी में 15 नई ब्रांच की 383 सीटों पर प्रवेश मिलेगा।
112 इंजीनियरिंग कॉलेज के 469 से ज्यादा प्रोग्राम
आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग जारी है, विद्यार्थी 112 इंजीनियरिंग कॉलेजों की 469 से ज्यादा प्रोग्राम्स को प्राथमिकता के घटते क्रम में भर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को ब्रांच के स्कोप एवं स्वयं की रूचि को देखते हुए कॉलेज ब्रांच प्रिफ्रेंस को बनाना चाहिए ताकि वो जोसा काउंसलिंग में किसी भी राउंड में सीट आवंटित होने पर फ्लोट एवं स्लाइड के विकल्प को चुनकर आगे की राउंड की काउंसलिंग में भाग ले सके।
जोसा काउंसलिंग में ऐसे करें कॉलेज एंड ब्रांच च्वॉइस फिलिंग
विद्यार्थियों को च्वॉइस फिलिंग का अवसर एक बार ही दिया गया है, अतः विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों के विकल्प को अपनी प्राथमिकता के घटते क्रम में भरें। विद्यार्थी गत वर्षों की कॉलेजों की ओपनिंग एवं क्लोजिंग रैंकों को देखते हुए कॉलेजों को चुनने के ट्रेंड का अनुमान लगा सकते हैं। विद्यार्थी अपनी रैंक के अनुसार गत वर्षों की क्लोजिंग रैंक से नीचे की रैंक वाले कॉलेज ब्रांचों को भी अपनी पसंद के अनुसार कॉलेज प्राथमिकता सूची के क्रम में शामिल करे। जोसा काउंसलिंग में कॉलेज को भरने से पूर्व अपनी प्राथमिकता के कॉलेजों की सूची कागज पर बनाकर उसका आकलन कर ही ऑनलाइन भरें, ताकि गलती होने की संभावना न रहे। विद्यार्थियों को कॉलेज च्वॉइस लॉक करने से पूर्व अवश्य पूर्ण चेक करें क्योंकि लॉक करने के उपरांत उसमें बदलाव संभव नहीं होंगे।