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JNU Campus: जेएनयू विवि में हुनरबाजों का उत्सव; कविता, शायरी और गीत-संगीत से गूंजेगा आज कैम्पस

Fri, 29 Aug 2025 08:49 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला ब्यूरो

सार

JNU Talent Festival: जेएनयू विश्वविद्यालय में आज हुनरबाज उत्सव का आयोजन होगा। यह कार्यक्रम कविता, शायरी और गीत-संगीत से कैम्पस को रोशन करेगा।
 
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जेएनयू, JNU - फोटो : JNU: @www.jnu.ac.in/main/
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विस्तार
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JNU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रदर्शन की नहीं गीत-संगीत की धुन की गूंज होगी। छात्र अपने हुनर और प्रतिभा का दम दिखाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए शुक्रवार शाम को जेएनयू में हुनरबाज उत्सव आयोजित किया जा रहा है।  

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जेएनयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने कहा कि कार्यक्रम के लिए 600 से अधिक छात्रों ने पंजीकरण किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कला मंच के सहयोग से हुनरबाज का आयोजन हो रहा है।
इसमें जेएनयू में दाखिला लेने वाले प्रथम वर्ष के छात्र गीत-संगीत, कविता, शायरी, डांस प्रस्तुत करेंगे। 

ओपन माइक फेस्ट में छात्रों का रचनात्मक उत्सव

यह ओपन माइक फेस्ट है। इसके लिए तीन तरह के कार्यक्रम तय किए हैं। इसमें संगीत, डांस और प्रतिभा खोज के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिभा से जुड़े कार्यक्रम में छात्रों को 60 सेकेंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर दिया जाएगा।

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वैभव मीणा ने कहा कि इस उत्सव में छात्र अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन कर सकते हैं। नए छात्रों को एक-दूसरे से मिलने और बातचीत का मौका मिलेगा। जेएनयू परिसर के साबरमती ढाबा पर रात को उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जेएनयू की पहचान सिर्फ प्रदर्शन से नहीं है। विवि को इससे नई पहचान मिलेगी।

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जेएनयू ईसी के शिक्षक की सेवा समाप्ति के निर्णय का विरोध

जेएनयू की कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक में सामाजिक विज्ञान संकाय के राजनीतिक अध्ययन केंद्र के संकाय सदस्य डॉ. रोहन वी.एच चौधरी की सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया है। जेएनयू शिक्षक संघ ने कुलगुरु के इस फैसले को अवैध बताते हुए फैसले का विरोध किया।

जेएनयू शिक्षक संघ अध्यक्ष सुरजीत मजूमदार ने कहा कि संकाय सदस्य के संबंध में लिया निर्णय पूरी तरह से तथ्यहीन, अन्यायपूर्ण और गैरकानूनी है। घोषणा के दौरान सभी सदस्यों के माइक्रोफोन बंद कर दिए गए। इसी तरह ईसी के सभी दूसरे एजेंडे पर चर्चा की गई।

जेएनयू सूत्रों के अनुसार संकाय सदस्य प्रोबेशन पर नियुक्त हुए थे। करीब 51-52 दिन तक बिना किसी सूचना के अवकाश पर रहे। उसी के मद्देनजर नियमों के तहत उनकी बर्खास्तगी को लेकर ईसी की बैठक में कार्रवाई की गई है। जेएनयू शिक्षक संघ का कहना है कि डॉ. रोहन के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कभी कोई मामला अस्तित्व में नहीं था। उनकी सेवाओं की समाप्ति जैसी गंभीर कार्रवाई एक निजी बदला लेने के लिए की गई है।
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