कई छात्रों का कहना है कि आईआईटी बीएचयू की तर्ज पर बीएचयू में भी फिजिकल वेरिफिकेशन के पहले ही दिन हॉस्टल आवंटित किया जा सकता है। लेकिन, यहां पर कंपोजिट मेरिट निकालने में थोड़ा वक्त लग जाता है। छात्रों का कहना है कि विवि के पास सभी डेटा होते हैं। स्कोर भी और छात्र-छात्राओं के घर का पता भी। ऐसे में हॉस्टल में कमरे उसी के अनुसार बुक कर दिया जाना चाहिए।
पोर्टल पर आवंटित हो हॉस्टल
बीएचयू के शोध छात्र अभय प्रताप सिंह ने कहा कि हॉस्टल एलॉटमेंट में देरी होना बड़ी मुसीबत है। जिस दिन दाखिले की फीस जमा होती है, उसी दिन उसी पोर्टल पर हॉस्टल भी आवंटित कर देना चाहिए। अब फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आएंगे तो छात्र कहां रुकेंगे। मजबूरी में महंगे चार्ज पर शहर में रहने को मजबूर होंगे।
कला संकाय में 10 से ज्यादा हेल्प डेस्क
फिजिकल वेरिफिकेशन में जाने वाले छात्रों की मदद के लिए बीएचयू के हर संकाय में जगह-जगह हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा कला संकाय में 10 हेल्प डेस्क हैं। एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष प्रशांत राय ने कहा कि सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बड़ी संख्या में आए अभ्यर्थियों ने अपना फिजिकल वेरिफिकेशन करा लिया। जबकि जिनके पास दस्तावेज नहीं था उन्हें अंडर टेकिंग के बारे में समझाया गया। उन्होंने भी विभागों में जमा कर बाद में दस्तावेज जमा करने की बात कही।