अभियान के प्रमुख मुद्दे
एबीवीपी ने अपने चुनाव अभियान में कैंपस इन्फ्रास्ट्रक्चर, छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा की किफायत, और छात्र संघ की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है। संगठन ने वामपंथी छात्र संगठनों के नेतृत्व वाले JNUSU पर "शैक्षणिक और ढांचागत विकास की उपेक्षा" करने का आरोप लगाया है।
एबीवीपी के मुख्य चुनाव समन्वयक अरुण श्रीवास्तव ने कहा, “हमारा लक्ष्य जेएनयू को अकादमिक रूप से मजबूत बनाना, छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाना है। एबीवीपी रचनात्मक राजनीति और जिम्मेदार छात्र नेतृत्व की पक्षधर रही है और इस चुनाव में भी यही हमारा संकल्प है।”
चुनाव 4 नवंबर को, परिणाम 6 नवंबर को
जेएनयू छात्र संघ चुनाव 2025 में एबीवीपी, वामपंथी छात्र संगठनों और अन्य समूहों के बीच सीधी टक्कर होगी। मतदान 4 नवंबर को दो सत्रों, सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया जाएगा, जबकि परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
पिछले चुनाव में वाम समर्थित छात्र संगठनों ने चार में से तीन केंद्रीय पद जीते थे, जबकि एबीवीपी ने लगभग दस साल बाद संयुक्त सचिव का पद अपने नाम किया था।