मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखती हैं मनीषा
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर जीतने वाली मनीषा हरियाणा के मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखती हैं। वह अनुसूचित जाति से आती है। उनके पिता एक फैक्टरी में काम करते थे। जेएनयू के सेंटर फॉर ईस्ट एशियन स्टडीज, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में पीएचडी कार्यक्रम में दाखिला लिया। हालांकि उसके लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। कैंपस में आने के बाद से मनीषा ने अपने व्यक्तिगत संघर्षों को सामूहिक प्रतिरोध में बदल दिया। वर्ष 2019 में एसआईएस काउंसलर के रूप में निर्वाचित हुई। फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन किया।
ओबीसी वर्ग से आती है मुंतेहा
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में सचिव के पद पर जीती मुंतेहा फातिमा बिहार के पटना की रहने वाली है और ओबीसी मुस्लिम परिवार से आती हैं। वर्तमान में वह जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर वेस्ट एशिगन स्टडीज में पीएचडी कर रही हैं। वर्ष 2023-24 में गंगा हॉस्टल की अध्यक्ष चुनी गई थीं।
जनजातीय परिवार से आते हैं वैभव
जेएनयू छात्र संघ चुनाव में संयुक्त सचिव के पद पर जीते वैभव मोणा राजस्थान के करौली से हैं। वह जनजातीय किसान परिवार से आते है। वैभव ने स्नातक की शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय से ली है। जबकि स्नातकोत्तर काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में किया है। वर्तमान में वैभव जेएनयू के भाषा, साहित्य एवं संस्कृत संस्थान के भारतीय भाषा केंद्र में हिंदी साहित्य विषय के शोधार्थी हैं। हिंदी साहित्य में उन्हें जूनियर रिसर्च फेलोशिप मिली हुई है।