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JNUSU Election Result: किसान के बेटे ने जीती जेएनयू अध्यक्ष पद, उपाध्यक्ष बनीं अनुसूचित जाति की मनीषा

सार

JNUSU Election Result 2025: जेएनयू छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीतने वाले उम्मीदवार का पिता एक किसान और मां गृहिणी हैं। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर जीतने वाली मनीषा अनुसूचित जाति समाज से आती हैं। उनकी जीत समाज के विभिन्न वर्गों की शक्ति और संघर्ष को प्रदर्शित करती है।
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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव 2025 परिणाम - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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JNUSU Election Result: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू छात्र संघ चुनाव में जीत का परचम लहराने बाले उम्मीदवार बेहद सामान्य परिवार से आते हैं। किसी के पिता किसान हैं तो कोई अनुसूचित जाति से है। छात्र संघ चुनाव में जीतने वाले सभी उम्मीदवार, जेएनयू में पहले से छात्रों की आवाज उठाते रहे हैं। जेएनयू छात्र संघ में आइसा व डीएसएफ के गठबंधन ने शीर्ष तीन पदों पर और एबीवीपी को एक पद मिला।

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16 दिनों की भूख हड़ताल से बनाई पहचान जेएनयू छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीतने वाले नीतीश कुमार बिहार के अररिया जिला स्थित शेखपुरा से हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आने वाले नीतीश के पिता किसान और मां गृहिणी है। बीएचयू से राजनीतिक विज्ञान में बीए की है। वर्ष 2020 में जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर पॉलिटिकल स्टडीज में एमए में दाखिला लिया।

कोरोना काल में जेएनयू को वर्ष 2021 में खोलने की मांग को लेकर आंदोलन किया। नीतीश ने आइसा की जेएनयू इकाई के सचिव के तौर पर भी काम किया है। वर्ष छात्र एसएफसी प्रतिनिधि के रूप में चुन 2021 में अपने बैच के लिए उन्हें गया। जबकि 2023-24 में जेएनयू छात्र संघ चुनाव में स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज से काउंसलर के रूप में चुने गए। वर्ष 2023 के अगस्त में छात्रावास सहित कई दूसरे मुद्दों को लेकर 16 दिनों की भूख हड़ताल भी की।

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मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखती हैं मनीषा

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर जीतने वाली मनीषा हरियाणा के मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखती हैं। वह अनुसूचित जाति से आती है। उनके पिता एक फैक्टरी में काम करते थे। जेएनयू के सेंटर फॉर ईस्ट एशियन स्टडीज, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में पीएचडी कार्यक्रम में दाखिला लिया। हालांकि उसके लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। कैंपस में आने के बाद से मनीषा ने अपने व्यक्तिगत संघर्षों को सामूहिक प्रतिरोध में बदल दिया। वर्ष 2019 में एसआईएस काउंसलर के रूप में निर्वाचित हुई। फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन किया।

ओबीसी वर्ग से आती है मुंतेहा

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में सचिव के पद पर जीती मुंतेहा फातिमा बिहार के पटना की रहने वाली है और ओबीसी मुस्लिम परिवार से आती हैं। वर्तमान में वह जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर वेस्ट एशिगन स्टडीज में पीएचडी कर रही हैं। वर्ष 2023-24 में गंगा हॉस्टल की अध्यक्ष चुनी गई थीं।

जनजातीय परिवार से आते हैं वैभव

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में संयुक्त सचिव के पद पर जीते वैभव मोणा राजस्थान के करौली से हैं। वह जनजातीय किसान परिवार से आते है। वैभव ने स्नातक की शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय से ली है। जबकि स्नातकोत्तर काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में किया है। वर्तमान में वैभव जेएनयू के भाषा, साहित्य एवं संस्कृत संस्थान के भारतीय भाषा केंद्र में हिंदी साहित्य विषय के शोधार्थी हैं। हिंदी साहित्य में उन्हें जूनियर रिसर्च फेलोशिप मिली हुई है।
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