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JNU: 47 छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न मामले की जांच में उल्लंघन का आरोप, जेएनयूएसयू ने कुलपति को लिखा पत्र

Sat, 26 Oct 2024 08:17 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

JNU: जेएनयूएसयू ने सीएसएसएस फ्रेशर्स पार्टी के दौरान कथित यौन उत्पीड़न और हिंसा को लेकर बुधवार को आईसीसी के समक्ष दर्ज सामूहिक शिकायत की जांच में प्रक्रियागत उल्लंघन का आरोप लगाया है। संघ ने कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित को पत्र लिखकर यह बात कही।
 
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जेएनयू, JNU - फोटो : JNU: @www.jnu.ac.in/main/
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विस्तार
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JNUSU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने फ्रेशर्स पार्टी के बाद 47 छात्राओं द्वारा विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के समक्ष दर्ज कराई गई यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच में प्रक्रियागत उल्लंघन का आरोप लगाया है। कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित को लिखे पत्र में संघ ने समिति पर सामूहिक शिकायत के बजाय मामले को "व्यक्तिगत शिकायत" मानकर मामले को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

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कथित यौन उत्पीड़न और हिंसा को लेकर दर्ज कराई थी सामूहिक शिकायत

संघ ने कहा कि सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स (सीएसएसएस) की 47 छात्राओं ने मंगलवार (22 अक्तूबर) को कन्वेंशन सेंटर में सीएसएसएस फ्रेशर्स पार्टी के दौरान कथित यौन उत्पीड़न और हिंसा को लेकर बुधवार को आईसीसी के समक्ष सामूहिक शिकायत दर्ज कराई।

संघ ने कहा, हालांकि, शिकायतकर्ताओं को बताया गया कि पीठासीन अधिकारी वंदना मिश्रा सभी पीड़ितों से एक साथ नहीं मिलेंगी और उनसे मामले को प्रस्तुत करने के लिए पांच प्रतिनिधियों को नामित करने के लिए कहा।

JNUSU ने शुक्रवार को अपने पत्र में दावा किया कि गुरुवार को ICC की बैठक के दौरान, चार छात्र प्रतिनिधि देरी से पहुंचे, जिसका फायदा उठाते हुए ICC के सदस्यों ने अकेली शिकायतकर्ता को धमकाने की कोशिश की, उस पर निजी बयान देने का दबाव डाला।

संघ ने कहा कि यह शिकायत की सामूहिक प्रकृति को तोड़ने का एक प्रयास था। पत्र में लिखा है, "पीड़ित इससे असहमत हैं क्योंकि शिकायत सामूहिक रूप से दर्ज की गई थी, लेकिन वे इसे उत्पीड़न के पांच अलग-अलग मामलों में बदलने की कोशिश कर रहे थे।"
 
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वीडियो को तत्काल हटाने की मांग रखी

जेएनयूएसयू प्रतिनिधियों तथा सीएसएसएस छात्रों ने हस्तक्षेप किया, तथा मांग की कि जेएनयूएसयू प्रतिनिधि को पीड़ितों के बयानों में शामिल होने की अनुमति दी जाए, पीड़ितों का नाम लिए बिना निरोधक आदेश जारी किया जाए, तथा शिकायत को सामूहिक शिकायत के रूप में माना जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गोपनीय बैठक के दौरान लिए गए किसी भी वीडियो को तत्काल हटा दिया जाए।

संघ ने कहा, "यह स्पष्ट रूप से पीड़ित को दोषी ठहराने तथा अपराधियों को बचाने का प्रयास था," तथा उन्होंने आईसीसी पीठासीन अधिकारी के पद से मिश्रा को हटाने की मांग की।

पत्र में जेएनयूएसयू ने कथित प्रक्रियागत उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जेएनयू के कुलपति की ओर से आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। आईसीसी के पीठासीन अधिकारी मिश्रा ने कहा कि समिति "सभी प्रक्रियाओं का पालन करती है"।
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