क्या है आरक्षण के नियम?
जेएनयू ने प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पालन करते हुए विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित की हैं। विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 15 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 7.5 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के लिए 27 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गई हैं। यह आरक्षण केंद्र सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार लागू होगा।
समान अंक आने पर कैसे होगा चयन?
- PwBD (दिव्यांग) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए कम से कम 5% सीटें आरक्षित हैं।
- OBC (NCL) श्रेणी के उम्मीदवारों को पात्रता परीक्षा में अंकों के प्रतिशत में 10% तक की छूट मिलेगी।
- विश्वविद्यालय में प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा, क्योंकि सीटों की संख्या सीमित है।
- BA, BSc और COP कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए कोई मौखिक (इंटरव्यू) परीक्षा नहीं होगी।
- यदि दो या अधिक उम्मीदवारों के अंक समान (टाई) होते हैं, तो कक्षा 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी।
- स्नातक और COP कार्यक्रमों में टाई की स्थिति में CUET UG या JEE Main में अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवार को वरीयता मिलेगी।
- यदि इसके बाद भी टाई बनी रहती है, तो कक्षा 10वीं में प्राप्त अंकों को आधार बनाया जाएगा।
- जिन उम्मीदवारों का परीक्षा परिणाम घोषित हो चुका है, उन्हें परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों पर प्राथमिकता दी जाएगी।