होम्योपैथी और रिसर्च लेखन पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
एम्स भोपाल की एक विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्ता ने मरीजों की देखभाल और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के मकसद से क्लिनिकल नजरिए और इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर तरीकों पर चर्चा की।
दूसरा लेक्चर डॉ. नकुल पाराशर ने रिसर्च पेपर लिखने और पब्लिश करने पर दिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने मैन्युस्क्रिप्ट तैयार करने, पब्लिकेशन से जुड़े नियमों, जर्नल चुनने, पीयर रिव्यू, रिसर्च की ईमानदारी और इंटरनेशनल इंडेक्सिंग सिस्टम (जैसे स्कोपस और वेब ऑफ साइंस) के बारे में बात की।
इसमें आगे कहा गया कि प्रोग्राम का समापन क्लिनिकल रिसर्च और एकेडमिक पब्लिशिंग पर सवाल-जवाब के सेशन के साथ हुआ। एम्स भोपाल ने कहा कि इस इवेंट ने अलग-अलग क्षेत्रों को मिलाकर रिसर्च, एकेडमिक उत्कृष्टता और सबूतों पर आधारित हेल्थकेयर को बढ़ावा देने के संस्थान के संकल्प को फिर से पक्का किया।