शैक्षिक संस्थानों की विश्व रैंकिंग में भारत ने शानदार सफलता हासिल की है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2024 में 69 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी जगह बनाई है। डेवलपमेंट स्ट्डीज की नई श्रेणी में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) 20वें स्थान पर है, जबकि आईआईएम अहमदाबाद को बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्ट्डीज में 22वीं रैंक मिली है। लंदन में मंगलवार को जारी रैंकिंग में एशिया में भारत दूसरे स्थान पर है और वह चीन (101 विश्वविद्यालय ) को टक्कर दे रहा है। इस बार भारतीय विश्वविद्यालयों से 19.4 फीसदी अधिक एंट्री भेजी गई थी।
क्यूएस सीईओ जेसिका टर्नर ने बताया कि कुल मिलाकर भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में साल दर साल 17 फीसदी का सुधार हुआ है। पिछले वर्ष 355 एंट्रीज की तुलना में इस बार प्रदर्शन 19.4 सुधरा है। इस वर्ष 72 फीसदी एंट्रीज नई हैं, जिन्होंने प्रदर्शन में सुधार किया है। जबकि 18 फीसदी विश्वविद्यालय के प्रदर्शन में गिरावटआई है। शीर्ष 200 एंट्रीज की संख्या में भारत एशिया स्तर पर पांचवें स्थान पर, वहीं शीर्ष 100 एंट्रीज में छठे स्थान पर है। जबकि सवीता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज में दंत चिकित्सा में 27वीं रैंक मिली है। वहीं, इंडियन स्कूल ऑफ माइंस एवं मिनरल को 44वां स्थान हासिल हुआ है।
रैंकिंग में 95 देशों के 1500 से अधिक विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा 16,400 से अधिक विश्वविद्यालय कार्यक्रमों के प्रदर्शन पर स्वतंत्र तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। इसमें 56 शैक्षणिक विषयों और पांच व्यापक संकाय क्षेत्रों (कला और मानविकी, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी) के तहत रैंक दी गई है।
भारत का पांच विषयों में बेहतरीन प्रदर्शन
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