खिलाड़ियों को रेंज में हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी। जामिया रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम ने भी खेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए पूरे सहयोग का वादा किया है। अभी ही हाल में जामिया के खिलाड़ियों ने दिल्ली स्टेट आर्चरी चैंपियनशिप में रनिंग ट्रॉफी का खिताब जीता था। हमारा प्रयास है कि जामिया के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन के लिए किसी तरह की सुविधाओं से वंचित न रहे।
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स्कूल स्तर से निखरेंगी प्रतिभाएं
निदेशक प्रोफेसर नफीस अहमद ने यह भी बताया कि आने वाले समय में जामिया द्वारा संचालित स्कूलों में भी खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसको लेकर भी जामिया प्रशासन योजना तैयार कर रहा है। जामिया स्कूल के कई बच्चे स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए दाखिला लेते हैं। हम चाहते है कि खिलाड़ियों की प्रतिभा को स्कूल स्तर से निखारा जाएं।
ईद के बाद खेलों में अकादमी की शुरुआत
उन्होंने कहा कि ईद के बाद जामिया कर्मियों के बच्चों के लिए फुटबॉल, किक्रेट और बास्केटबॉल अकादमी की शुरुआत होगी। जामिया प्रशासन का प्रयास है कि बच्चों में खेलों को लेकर रूचि बढ़ें और जामिया बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराकर भविष्य के लिए खिलाड़ी तैयार कर सकें। अभी जामिया में दस से ज्यादा खेलों में खिलाड़ियों को दाखिला दिया जाता है। जिसमें हॉकी, बैडमिंटन, टेनिस, कुश्ती, शूटिंग सहित कई दूसरे खेल शामिल है। पांच फीसदी सीट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित की जाती है।
आखिर क्या होती है आर्चरी
आर्चरी या तीरंदाजी एक खेल है। इसमें धनुष से तीर चलाया जाता है। आर्चरी में तीन तरह के बो यानी धनुष होते है। इसमें रिकर्व, कंपाउंड और बेयरबो है। एक आर्चर रिकर्व के लिए 70 मीटर और कंपाउंड के लिए 50 मीटर की दूरी से निशाना साधता है। ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी की विभिन्न स्पर्धाएं हैं। पुरुषों और महिलाओं की व्यक्तिगत, टीम स्पर्धा और एक मिश्रित टीम स्पर्धा होती है।