क्या हैं नए नियम?
कैबिनेट के फैसले के कारण
झारखंड सरकार ने पिछले साल शारीरिक परीक्षण के मानकों में ढील देने का संकेत दिया था, जब अगस्त-सितंबर के दौरान एक्साइज कांस्टेबल भर्ती के दौरान 15 उम्मीदवारों की मौत हो गई थी। इन मौतों ने विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया था और भाजपा ने इसका इस्तेमाल हेमंत सोरेन सरकार को घेरने के लिए किया था। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने केंद्र से एक पत्र लिखकर उम्मीदवारों की मौत की विस्तृत जांच कराने की मांग की थी।
आगे क्या होगा?
इस नए निर्णय से राज्य में विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान उम्मीदवारों को अधिक राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों के लिए जो शारीरिक परीक्षण में ज्यादा कठिनाइयों का सामना करते हैं। इससे उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बढ़ने की उम्मीद है।