गंभीरता से लेता था होमवर्क
कौशल पिछले तीन साल से तैयारी कर रहे हैं। कौशल ने बताया कि मै रोज क्लास के बाद जो भी होमवर्क मिलता था, उसको गंभीरता से पूरा करता था। होमवर्क से प्रैक्टिस होने के साथ-साथ डाउट्स भी सामने आते हैं। आप जितने ज्यादा डाउट्स क्लीयर करेंगे, उतनी ही टॉपिक पर आपकी पकड़ मजबूत होगी। मैं रोजाना 10-12 घंटे स्टडी करता हूं।
कौशल ने बताया कि मेरे बड़े भैया अंशुल आईआईटीयन हैं, उनको देखकर ही मैं मोटिवेट हुआ और जेईई की तैयारी के लिए एडमिशन लिया। कोचिंग में फैकल्टीज एक्सपीरियंस्ड होने के साथ ही आपको हमेशा पिछली बार से ज्यादा बेस्ट करने के लिए मोटिवेट करते हैं। टीचिंग मैथेडोलॉजी इतनी अच्छी है कि टॉपिक अच्छे से समझ आ जाता है।
कोचिंग में पढ़ाई के लिए बेस्ट एनवायरमेंट है। इससे पहले 10वीं कक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जबकि केवीपीवाय एसए स्ट्रीम में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल की थी। 2022 में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड की फर्स्ट स्टेज क्लीयर कर चुका हूं। वर्ष 2021 में फिजिक्स एवं 2020 में मैथ्स ओलंपियाड की फर्स्ट स्टेज क्लीयर कर चुका हूं।
कौशल ने बताया कि वह वैसे तो एमपी के निवासी हैं, लेकिन पापा की बैंक जॉब के चलते शहर बदलते रहते हैं। परिवार मध्यप्रदेश के राजगढ़ ब्यावरा से है। फिलहाल अहमदाबाद में हूं। बड़े भैया आईआईटी कानपुर इलेकिट्रकल ब्रांच में बीटेक करने के बाद अभी आईआईटी दिल्ली से एमटेक कर रहे हैं। कौशल कोटा के एक प्राइवेट संस्थान से तैयारी कर रहे हैं।