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JEE Main: पवन कल्याण के काफिले के चलते कई छात्रों की जेईई परीक्षा छूटने का दावा, आरोपों की जांच के आदेश जारी

Tue, 08 Apr 2025 01:49 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

JEE Main: पवन कल्याण ने कहा, “किसी भी छात्र को प्रशासनिक कार्यों के कारण परेशान नहीं होना चाहिए। हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी भविष्यवाणी में कोई रुकावट न डालें।” उपमुख्यमंत्री ने विशाखापट्टनम पुलिस से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि काफिले के दौरान ट्रैफिक रोकने की अवधि, सड़क की स्थिति और सेवा मार्ग पर ट्रैफिक की स्थिति की जांच की जाए।
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पवन कल्याण - फोटो : ANI
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विस्तार
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Pawan Kalyan convoy: विशाखापट्टनम में आयोजित जेईई परीक्षा के लिए कुछ छात्रों का परीक्षा केंद्र तक न पहुंच पाने का मामला सामने आया है। आरोप हैं कि पवन कल्याण के काफिले के कारण ट्रैफिक प्रतिबंधों ने छात्रों को देरी से परीक्षा केंद्र पहुंचने पर मजबूर कर दिया। इस पर उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।  

पवन कल्याण ने दिए जांच के आदेश

पवन कल्याण ने कहा, “किसी भी छात्र को प्रशासनिक कार्यों के कारण परेशान नहीं होना चाहिए। हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी भविष्यवाणी में कोई रुकावट न डालें।” उपमुख्यमंत्री ने विशाखापट्टनम पुलिस से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि काफिले के दौरान ट्रैफिक रोकने की अवधि, सड़क की स्थिति और सेवा मार्ग पर ट्रैफिक की स्थिति की जांच की जाए।  
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विशाखापट्टनम पुलिस ने हालांकि इस आरोप को नकारा है। उनका कहना है कि पवन कल्याण का काफिला सुबह 8:41 बजे के बाद गुजरा, जबकि छात्रों को परीक्षा केंद्र पर काफी पहले रिपोर्ट करना था। पुलिस ने यह भी कहा कि छात्रों को वैकल्पिक मार्गों से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का सही अवसर दिया गया था।  

उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि वह हमेशा सार्वजनिक सुविधा को प्राथमिकता देते हैं और सरकार की नीति के तहत वीआईपी मूवमेंट्स के लिए केवल संक्षिप्त ट्रैफिक रेगुलेशन की अनुमति दी जाती है। पवन कल्याण के कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी नेताओं को हमेशा आधिकारिक दौरे के दौरान किसी भी प्रकार के जुलूस, माल्यार्पण या ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए सलाह दी जाती है, जिससे सार्वजनिक या यातायात में कोई व्यवधान उत्पन्न हो।
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क्या था पूरा मामला

विशाखापट्टनम में कई छात्रों ने आरोप लगाया कि वे परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचे, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं मिला। इन छात्रों ने दावा किया कि पवन कल्याण के काफिले के कारण ट्रैफिक प्रभावित हुआ था और इससे वे अपनी परीक्षा के लिए समय पर नहीं पहुंच सके।

ये 30 छात्र इंजीनियरिंग एंट्रेंस परीक्षा (जेईई मेन) दे रहे थे, जो राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) में प्रवेश के लिए होती है। उनके माता-पिता अब इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं और उनका कहना है कि इस घटना का उनके बच्चों के भविष्य पर दीर्घकालिक असर हो सकता है।

विपक्षी पार्टी और एआईएसएफ ने जताया विरोध

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने एक प्रेस रिलीज में अधिकारियों पर परीक्षा के समय ट्रैफिक प्रबंधन में कमी का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि छात्रों को कोई गलती न होते हुए भी परीक्षा का अवसर चूकना पड़ा। विपक्षी पार्टी YSR कांग्रेस के प्रवक्ता, कार्तिक येलाप्रगड़ा ने कहा कि राज्य को "बेहतर विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री" की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "अभिनेता-राजनेता, अपने फिल्मी इमेज के अनुसार, सार्वजनिक कार्यालय को एक प्रेस रिलीज इवेंट की तरह मानते हैं... हमें अब फिल्मी क्षणों की ताली बजाना बंद करना चाहिए और वास्तविक जिम्मेदारी की मांग करनी चाहिए।"

विशाखापट्टनम पुलिस ने आरोपों को किया खारिज

विशाखापट्टनम पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि छात्रों को 7 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना था और यदि ये 30 छात्र समय पर पहुंचते तो ट्रैफिक के कारण उन्हें रुकने का सवाल ही नहीं उठता। पुलिस ने पोस्ट में लिखा, "उक्त परीक्षा के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार को 07:00 बजे रिपोर्ट करना था और परीक्षा केंद्र का गेट 8:30 बजे बंद कर दिया जाएगा।" पुलिस ने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री का काफिला 8:41 बजे उस जंक्शन से गुजरा था।

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