छात्रों ने सिफारिश की है कि इसे बोनस प्रश्न माना जाए, क्योंकि प्रश्न की संरचना स्पष्ट नहीं है। इसी प्रकार 22 जनवरी को भौतिकी के शिफ्ट एक व दो के तीन प्रश्नों पर आपत्ति जताई गई है। छात्रों ने संभावित गलत उत्तर कुंजी और अस्पष्टता की शिकायत की है। एक प्रश्न के लिए बोनस अंक तो दूसरे प्रश्न में दो नजदीकी उत्तरों को लेकर मतभेद है, जिससे कुंजी में लिपिकीय त्रुटि की आशंका जताई जा रही है। कई अन्य प्रश्नों पर भी आपत्ति है।
हर प्रश्न को चुनौती देने के लिए 200 रुपये का शुल्क दिक्कत
उधर, कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष केशव अग्रवाल का कहना है कि जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षा में एक अंक का अंतर भी छात्रों की रैंकिंग को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। गलत प्रश्न या उत्तर के कारण समय के नुकसान को कभी ध्यान में नहीं रखा जाता और सामान्यीकरण भी ऐसे मुद्दों की भरपाई नहीं कर सकता। सबसे बड़ी दिक्कत है कि छात्रों को हर प्रश्न को चुनौती देने के लिए 200 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क देना पड़ता है।