शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि अगले साल से जेईई मेन परीक्षा और ज्यादा क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी। संयुक्त प्रवेश बोर्ड ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप यह निर्णय लिया है। वर्तमान में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन सिर्फ अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती भाषाओं में आयोजित की जाती है।
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शिक्षा मंत्री ने इस बात की जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए दी है। उन्होंने कहा कि एनटीए का यह निर्णय सरकार द्वारा लाए नई शिक्षा नीति को आगे बढ़ाएगा। जिन राज्यों में इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए क्षेत्रीय भाषाओं को तवज्जो दी जाती है, वहां जेईई परीक्षा क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित होगी। इस कदम से छात्रों को जेईई मेन परीक्षा में और ज्यादा स्कोर लाने में मदद मिलेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि और ज्यादा क्षेत्रीय भाषाओं में जेईई परीक्षा के आयोजन से प्रतिभागियों की संख्या में इजाफा होगा और भाषा अवरोध के कारण जो छात्र अच्छा स्कोर नहीं ला पाते थे, वह और अच्छा स्कोर लाने में सक्षम होंगे।