जेईई मेन परीक्षा खत्म हो चुकी है और अब छात्रों को अपने रिजल्ट का इंतजार है। इस साल जेईई मेन परीक्षा एक सितंबर से लेकर छह सितंबर के बीच आयोजित हुई थी। परीक्षा का आयोजन कोविड-19 से बचाव के लिए जारी सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए हुआ। इस साल जेईई मेन परीक्षा के लिए 8.58 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से 6.35 लाख छात्रों ने वैश्विक कोरोना महामारी के बीच परीक्षा दी। इस बात की जानकारी शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने दी है।
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उन्होंने बताया है कि ज्वाइंट एट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्टर्ड हुए 8.58 लाख अभ्यर्थियों में से 6.35 लाख छात्रों ने परीक्षा दी है। बता दें कि जेईई मेन परीक्षा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित कराई जाती है। इस साल कोरोना महामारी की वजह से यह परीक्षा देरी से हुई है। शिक्षा मंत्री निशंक ने ट्वीट कर जेईई मेन परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने जेईई मेन परीक्षा के लिए राज्य सरकारों की तरफ से छात्रों को सभी संभव सहायता उपलब्ध कराई जाने पर उनकी प्रशंसा भी की।
शिक्षा मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा कि जेईई परीक्षा साल में दो बार कराई जाती है। इस साल जनवरी में परीक्षा हो चुकी थी। इसलिए जो छात्र सितंबर की परीक्षा में नहीं बैठे, शायद उन्होंने जनवरी की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया होगा, इसलिए इस बार परीक्षा में बैठने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा को स्थगित करना किसी भी हालत में विद्यार्थियों के हित में नहीं था। बता दें कि जेईई मेन की आंसर की जारी हो चुकी है और अब जल्द ही रिजल्ट जारी होगा। कहा जा रहा है कि इस साल जेईई मेन परीक्षा का रिजल्ट 11 सितंबर यानि कल जारी हो सकता है।