प्रोफेसर एसके जैन होंगे नए जेएबी बोर्ड के अध्यक्ष
नवगठित जेएबी के अध्यक्ष बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एसके जैन होंगे, जिन्हें मानद अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, आईआईटी रुड़की, एनआईटी राउरकेला, आईआईईएसटी शिबपुर, आईआईआईटी हैदराबाद, आईआईआईटी (पीपीपी) ऊना और आईआईआईटीडीएम कांचीपुरम के निदेशक इसके सदस्य होंगे।
आंध्र प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी), सीबीएसई, एनआईसी, सी-डैक और शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि भी बोर्ड का हिस्सा हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे।
अधिसूचना के अनुसार, नवगठित जेएबी जेईई (मेन) से संबंधित नीतियों, नियमों और विनियमों का निर्धारण करने वाला अंतिम प्राधिकरण होगा, साथ ही जेईई (एडवांस्ड) के आयोजन संस्थान के साथ समन्वय भी करेगा। परीक्षा के आयोजन में एनटीए बोर्ड का सहयोग करेगा।
बोर्ड के पुनर्गठन को शिक्षा मंत्री ने दी मंजूरी
आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि एनटीए (NTA) पूरे देश में JEE (Main) परीक्षा के आयोजन में प्रशासनिक और तकनीकी मदद करेगा। इसके लिए NTA में मौजूद JAB का स्थायी सचिवालय काम करेगा। इसमें मौजूदा दफ्तर, पहले से जुटाए गए अतिरिक्त फंड और इस समय JEE (Main) से जुड़ी टीम की मदद ली जाएगी।
अगर जरूरत पड़ी तो कैबिनेट/CEE की मंजूरी के बाद कुछ नए पद बनाए जा सकते हैं, जिसमें एक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का पद भी शामिल हो सकता है। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि JAB के पुनर्गठन को केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने मंजूरी दे दी है।