हब और स्पोक स्कूलों की भूमिकाएं
इस मॉडल में स्कूल के प्रमुख या प्रधानाचार्य की भूमिका सबसे अहम होगी। वे पूरे काम की देखरेख करेंगे और जरूरी दिशा-निर्देश देंगे। उनके मार्गदर्शन में परामर्शदाता (काउंसलर) और स्वास्थ्य शिक्षक बच्चों को सहायता देंगे।
साथ ही, हब स्कूलों के परामर्शदाता, स्पोक स्कूलों के परामर्शदाताओं के साथ मिलकर हर महीने तय की गई गतिविधियां एक साथ चलाएंगे, ताकि छात्रों को लगातार सही सहयोग मिल सके।
रिपोर्टिंग और सहयोग व्यवस्था
इस पहल के अंतर्गत रिपोर्टिंग की एक व्यवस्थित प्रक्रिया भी तय की गई है। स्पोक स्कूलों को प्रत्येक माह अपने-अपने हब स्कूलों को रिपोर्ट भेजनी होगी।
इसके बाद हब स्कूल इन सभी रिपोर्टों को एकत्र करके हर महीने की 5 तारीख तक दिए गए गूगल फॉर्म के माध्यम से सीबीएसई को भेजेंगे। इस तरीके से सभी गतिविधियों की निगरानी होगी और परामर्श सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सकेगी।
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