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रिपोर्ट: जेईई एडवांस्ड 2026 में महिलाओं ने बनाया नया रिकॉर्ड, लेकिन सामान्य वर्ग की सफलता दर क्यों घटी?

Mon, 05 Oct 2026 03:31 PM IST
आकाश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

जेईई एडवांस्ड 2026 में महिला उम्मीदवारों की सफलता दर पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक रही। इस बार 10,107 महिलाएं परीक्षा में सफल हुईं, जो पहली बार 10 हजार के आंकड़े से ऊपर है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की सफलता दर में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई।
 
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आईआईटी रुड़की की ओर से तैयार संयुक्त कार्यान्वयन समिति की 2026 की रिपोर्ट में खुलासा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जेईई एडवांस्ड 2026 में महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन पिछले छह वर्षों के मुकाबले सबसे बेहतर रहा है। इस साल परीक्षा में सफल महिला उम्मीदवारों की संख्या पहली बार 10 हजार के पार पहुंची है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस बार 10,107 महिला उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड में सफल हुईं।

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की की ओर से तैयार संयुक्त कार्यान्वयन समिति की 2026 की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। आईआईटी रुड़की ने इस साल जेईई एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन किया था।

महिलाओं की सफलता दर कितनी बढ़ी?

  • जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 43,112 महिला उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।
  • इनमें से 40,562 उम्मीदवार दोनों प्रश्नपत्रों में शामिल हुईं और 10,107 सफल रहीं।
  • महिला उम्मीदवारों की सफलता दर इस साल 23.4 प्रतिशत रही। पिछले साल यह दर 21.7 प्रतिशत थी।

यानी इस साल पंजीकृत हर चार महिला उम्मीदवारों में लगभग एक ने सफलता हासिल की। पिछले साल करीब पांच में से एक महिला उम्मीदवार सफल हुई थी। महिलाओं से जुड़े प्रमुख आंकड़े:
  • पंजीकृत महिला उम्मीदवार: 43,112
  • दोनों प्रश्नपत्रों में शामिल: 40,562
  • सफल महिला उम्मीदवार: 10,107
  • सफलता दर: 23.4 प्रतिशत
  • 2025 में सफलता दर: 21.7 प्रतिशत

महिलाओं के लिए कितनी सीटें आवंटित हुईं?

रिपोर्ट के अनुसार, जेईई एडवांस्ड 2026 में 3,814 सीटें केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आवंटित की गईं। इसमें अतिरिक्त महिला सीटें भी शामिल हैं। इसके अलावा 37 महिला उम्मीदवारों को लिंग-तटस्थ सीटों के माध्यम से प्रवेश मिला।

रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं की भागीदारी और आईआईटी में उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए महिला उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था भी की गई है।

एससी और एसटी उम्मीदवारों का प्रदर्शन कैसा रहा?

जेईई एडवांस्ड 2026 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की सफलता दर में भी पिछले साल के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों की सफलता दर में 9.8 प्रतिशत अंक और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की सफलता दर में 8.1 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई। सफल उम्मीदवारों की संख्या:
  • अनुसूचित जाति: 15,856 उम्मीदवार
  • अनुसूचित जनजाति: 6,379 उम्मीदवार

2025 में यह संख्या क्रमशः 12,499 और 5,008 थी।

सामान्य वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग में क्या बदलाव हुआ?

  • सामान्य वर्ग के सफल उम्मीदवारों की संख्या इस साल घटकर 15,883 रह गई। 2025 में यह संख्या 16,154 थी।
  • सामान्य वर्ग की सफलता दर भी 43 प्रतिशत से घटकर 39.8 प्रतिशत हो गई।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सफल उम्मीदवारों की संख्या हालांकि बढ़ी। यह संख्या 6,291 से बढ़कर 6,377 हो गई।
  • वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग-गैर क्रीमी लेयर के उम्मीदवारों की सफलता दर 18.2 प्रतिशत से घटकर 17.5 प्रतिशत हो गई। इस वर्ग में सफल उम्मीदवारों की संख्या भी 12,606 से घटकर 12,385 रही।

जेईई एडवांस्ड 2026 में कितने उम्मीदवार सफल हुए?

  • जेईई एडवांस्ड 2026 के दोनों प्रश्नपत्रों में कुल 1,79,694 उम्मीदवार शामिल हुए थे।
  • परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित की गई थी।
  • इसका परिणाम 1 जून 2026 को घोषित किया गया। कुल 56,880 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए।
  • जेईई मेन में शीर्ष 2.5 लाख उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड में शामिल होने के लिए पात्र होते हैं।

क्या सफलता का मानदंड इस बार बदला गया था?

संयुक्त कार्यान्वयन समिति की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक श्रेणी में उपलब्ध सीटों की संख्या से कम से कम दोगुने उम्मीदवारों को सफल बनाने के लिए योग्यता मानदंड में छूट दी गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रत्येक श्रेणी में उपलब्ध सीटों के मुकाबले पर्याप्त संख्या में उम्मीदवार अगले चरण के लिए योग्य हों।
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जेईई एडवांस्ड की रैंक से किन संस्थानों में प्रवेश मिलता है?

जेईई एडवांस्ड 2026 की रैंक का इस्तेमाल केवल आईआईटी में ही नहीं, बल्कि आईआईटी व्यवस्था से बाहर के कुछ संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
  • भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ
  • भारतीय पेट्रोलियम एवं ऊर्जा संस्थान
  • भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान
  • राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान

संयुक्त कार्यान्वयन समिति की रिपोर्ट हर साल परीक्षा आयोजित करने वाले आईआईटी की ओर से तैयार की जाती है। इसमें सीटों की व्यवस्था, शाखा आवंटन में बदलाव और विद्यार्थियों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों की जानकारी दी जाती है।
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