राघव ने अपनी सक्सेस का मंत्र शेयर करते हुए बताया कि मैं जो भी करता हूं, इंटरेस्ट लेकर ही करता हूं। वो चाहे पढ़ाई हो, स्पोर्ट्स हो या फिर कुछ और एक्टिविटी। मेरा शुरू से विजन क्लीयर था कि आईआईटी मुम्बई में एडमिशन लेना है और जेईई की तैयारी के लिए कोटा के एक कॅरिअर इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेना मेरे लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। क्योंकि यहां फैकल्टीज सपोर्टिव होने के साथ काफी अनुभवी हैं। बदलते पेपर पैटर्न के अनुसार तैयारी कराने का उन्हें लंबा अनुभव है जो कि स्टूडेंट्स के लिए काफी मददगार साबित होता है।
राघव ने 10वीं कक्षा 99.4 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा इसी साल 97.4 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। आईएनएमओ, आईएनएओ, आईएनपीएचओ एवं आईएनसीएचओ क्वालिफाई कर चुके हैं। जॉर्जिया में आयोजित आईओएए में भारत का प्रतिनिधित्व कर गोल्ड मेडल और बेस्ट सॉल्युशन टू द मोस्ट चैलेन्जिंग प्रॉब्लम का अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। राघव ने बताया कि पिछले दिनों मेरा चयन टोक्यो में आयोजित होन जा रहे आईपीएचओ में हुआ है। मैं भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहा हूं। इसके अलावा एनटीएसई स्कॉलर भी हूं।
भाई को देखकर हुआ इंस्पायर
राघव ने बताया कि घर में शुरू से पढ़ाई का माहौल रहा है। मेरे बड़े भाई प्रणव गोयल भी आईआईटियन हैं और वर्ष 2018 में ऑल इंडिया टॉपर रहे हैं। उनको देखकर ही मैं इंस्पायर हुआ। पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुझे काफी गाइड किया। खुद का एक्सपीरियंस शेयर करता था, जिससे मुझे स्टडी में काफी हेल्प मिली। मुझे जब भी पढ़ाई से ब्रेक लेना होता था तो 10-15 मिनट के लिए इंस्टाग्राम यूज करता था। सोशल मीडिया के सीमित उपयोग के लिए सेल्फ कंट्रोल होना बहुत जरूरी है। रीक्रिएशन के लिए कई बार चेस खेलता हूं। म्यूजिक में काफी इंटरेस्ट है, 11वीं और 12वीं कक्षा में मैंने म्यूजिक विषय भी लिया हुआ था।