जेईई एडवांस्ड 2020 के प्रश्न पत्र में किसी प्रकार का बदलाव किया जाए या नहीं, इस मुद्दे पर ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) की दूसरी बैठक जल्द होगी। इसमें सभी आईआईटी कोविड-19 के चलते प्रश्न पत्र छोटा, आसान करने से लेकर परीक्षा का समय बढ़ाया जाए या नहीं आदि पर चर्चा करेंगे। कोविड-19 के चलते सिर्फ एक साल के लिए परीक्षा के प्रश्न पत्र प्रारूप में डिजाइन करना ठीक होगा या नहीं, इस पर बात होगी। क्योंकि आईआईटी प्रबंधन गुणवत्ता से समझौता नहीं करना चाहता है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने दो साल पहले भी आईआईटी प्रबंधन से जेईई एडवांस्ड परीक्षा को आसान करने की मांग रखी थी। हालांकि आईआईटी प्रबंधन ने उस समय भी बदलाव से पूरी तरह इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि यदि परीक्षा पत्र प्रारूप में बदलाव होता है तो फिर गुणवत्ता में गिरावट आएगी।
आईआईटी दाखिले को लेकर जैब की शुक्रवार को बैठक में इस मुद्दे पर फैसला नहीं हो पाया है। क्योंकि पुराने और बड़े आईआईटी प्रश्न पत्र आसान करके परीक्षा में बदलाव करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मानना है कि महज चार महीनों में तैयारी कम नहीं होती। जिन छात्रों को आईआईटी में दाखिला लेना होता है, वे दसवीं के बाद तैयारी में जुट जाते हैं। ऐसे में बदलाव से गुणवत्ता में गिरावट के अलावा गलत परंपरा भी शुरू हो जाएगी।
राज्यों की प्रश्न पत्र आसान रखने की मांग:
उधर, कोविड-19 के कारण कई राज्यों ने सरकार से जेईई मेन, नीट और जेईई एडवांस्ड परीक्षा का पाठ्यक्रम छोटा और प्रश्न पत्र आसान तैयार करने की मांग रखी है। ऐसे में प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं पर फैसला मुश्किल हो गया है।