जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने छात्र संघ बहाली की मांग के बीच एक पांच सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति छात्र संघ का संविधान तैयार करेगी। कुलपति प्रो. मजहर आसिफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
समिति वर्ष 2006 में छात्र संघ भंग होने के कारणों का अध्ययन करेगी। यह अदालतों के आदेशों, लिंगदोह समिति की सिफारिशों और जामिया के अधिनियम व नियमों की भी समीक्षा करेगी। जामिया में आखिरी बार 2006 में छात्र संघ भंग किया गया था। एक सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने 19 अक्तूबर को प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत शुरू की थी। छात्र प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने बैठक के कार्यवृत्त पर हस्ताक्षर नहीं किए। नई पांच सदस्यीय समिति 20 दिसंबर तक संविधान का मसौदा तैयार करेगी। प्रशासन लगभग दो दशक से लंबित इस मामले में कानूनी और संस्थागत व्यवस्था को ध्यान में रखकर समाधान तलाशेगा।
जामिया प्रशासन प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा करेगा। यह समीक्षा 12 अक्तूबर से 21 अक्तूबर शाम 5:30 बजे तक की गई कार्रवाइयों पर होगी। संबंधित छात्रों को अपनी शिकायतों के लिए अधिकारी से संपर्क करने की सलाह दी गई है। 21 अक्तूबर शाम 5:30 बजे के बाद होने वाली किसी भी घटना पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन ने दीवारों और इमारतों पर नारे लिखने तथा संपत्ति को हुए नुकसान पर चिंता जताई है।
छात्रों की सेहत और प्रदर्शन स्थल
प्रशासन ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एक चिकित्सा दल तैनात किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इरशाद हुसैन नकवी इसकी देखरेख कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर एक एंबुलेंस भी खड़ी की गई है। प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए गेट नंबर 18 निर्धारित किया है। हालांकि, छात्र 12 अक्तूबर से गालिब लॉन में प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्रों का आंदोलन जारी रखने का ऐलान
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने बुधवार को प्रशासन के फैसले खारिज कर दिए। उन्होंने एलान किया है कि जब तक चुनाव की अधिसूचना और तारीखें जारी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने उच्चस्तरीय समिति से चुनाव कराने और अनुशासनात्मक मामले वापस लेने की मांग की थी। हालांकि, प्रशासन ने चुनाव की तारीख घोषित करने के बजाय संविधान तैयार करने के लिए नई समिति बनाई है। इसके विरोध में बुधवार को छात्रों ने सभी कक्षाओं का बहिष्कार किया, जिससे कक्षाएं खाली रहीं। छात्रों ने कैंपस में मार्च भी निकाला। यह आंदोलन 12 अक्तूबर से भूख हड़ताल के जरिये चल रहा है। राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी छात्रों को समर्थन देने पहुंचे।