आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
यह पहल इलेक्ट्रिक वाहनों और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। उन्होंने भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जामिया के लिए गर्व की बात है।
जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा, "ये दोनों परियोजनाएं हमारे देश के मिशन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे छात्रों और पेशेवरों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और वे इन क्षेत्रों में देश के विकास में योगदान दे सकेंगे।"
परियोजनाओं के लक्ष्य
ई-वाहन परियोजना के प्रमुख प्रो. अहतेशामुल हक ने बताया कि इसके तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
- इलेक्ट्रिक वाहनों पर उच्चस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देना
- जामिया परिसर में ई-वाहनों के लिए एक चार्जिंग स्टेशन बनाना
- नीति आयोग की 2030 की नीति के अनुसार इस क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए एक कौशल केंद्र तैयार करना।
साइबर सुरक्षा लैब के प्रमुख डॉ. शाने काज़िम नकवी ने बताया कि यह प्रयोगशाला भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति से जुड़ी हुई है। इसका मकसद ऐसा कुशल कार्यबल तैयार करना है जो देश की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा कर सके।