जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) ने 17 वर्षीय स्नातक छात्र की कथित रैगिंग और यौन उत्पीड़न के कारण उसकी मृत्यु के बारे में कई प्रश्नों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। रजिस्ट्रार स्नेहमंजू बसु ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि विश्वविद्यालय ने गुरुवार सुबह 12 बजे की समय सीमा से पहले दस्तावेजी सबूतों के साथ छात्र की कथित रैगिंग और यौन उत्पीड़न के संबंध में सवालों के जवाब देते हुए एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट भेजी।
बसु ने कहा, "रैगिंग की बुराई को रोकने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा उठाए जा रहे सक्रिय कदमों के बारे में हमारी रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है, जैसा कि यूजीसी ने मांगा था। उन्होंने इसे प्राप्त होने की बात स्वीकार की है।" बसु ने कहा कि एक और कार्रवाई रिपोर्ट जल्द ही यूजीसी को भेजी जाएगी और जनता को अवगत कराया जाएगा।
परिसर को 'राष्ट्र-विरोधी तत्वों' से छुटकारा मिले: भाजपा के सुवेंदु अधिकारी
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्र-विरोधी तत्वों से मुक्त करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि वे शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु से विधानसभा में घटना पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि हम परिवार के साथ हैं और वे जिस भी तरीके से चाहेंगे, उनकी मदद करेंगे। जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन राज्य प्रशासन जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।
बता दें कि 09 अगस्त को परिसर के पास लड़कों के छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिरने के बाद 17 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। उनके परिवार ने आरोप लगाया कि उसके साथ रैगिंग की गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।