बोर्ड परीक्षा की तैयारी के टिप्स
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कहते हैं ‘जहां चाह होती है, वहां राह होती है’, कुछ ऐसा ही मानना है आई आई एल एम यूनिवर्सिटी में कार्यरत डॉ राम्या द्विवेदी का। इन दिनों कोरोना वायरस का कहर छाया हुआ है और लगभग एक वर्ष से इस महामारी के प्रकोप से पूरी मानवता जूझ रही है। जिस कारण इंसान ने अपने कामकाजों के तौर तरीकों को बदल दिया है। इस महामारी में सबसे अधिक परेशानी पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को हुई है।
इसलिए आज सफलता टॉक के इस स्पेशल प्रोग्राम में साइकोलॉजी एक्सपर्ट डॉ राम्या द्विवेदी को आमंत्रित किया गया है। डॉ द्विवेदी का मानना है कि यदि इंसान चाहे तो वह हर तरह की समस्याओं से खुद को निकाल सकता है और अपने सारे काम आसानी से जारी रख सकता है। वैसे ही जैसे इन इन दिनों पढ़ने वाले छात्रों और पढ़ाने वाले शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीके ईजाद कर लिए हैं।
डॉ द्विवेदी कहती हैं, ‘ बोर्ड एग्जाम की तैयारी करने वाले जिन छात्रों को इन दिनों कोरोना के कारण अपनी पढ़ाई करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें अध्ययन के साथ-साथ अपने कौशल को भी अपडेट करना चाहिए यानि कि छात्रों को तकनीक के नए संसाधनों की मदद लेते हुए अपनी शैक्षिक व्यवस्थाओं को जारी रखना होगा।
बोर्ड छात्र में कौन से हो पाँच लक्षण
डॉ राम्या द्विवेदी ने सफलता टॉक की शुरुआत करते हुए यह भी बताया कि अध्ययनशील विद्यार्थियों में कौन से लक्षण होने जरूरी हैं। वे कहती हैं कि एक पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स में कौवे की तरह ज्यादा से ज्यादा जानने की इच्छा होनी चाहिए, बगुले की तरह ध्यान, कुत्ते के समान कम सोना चाहिए और कम भोजन के साथ साथ छात्र में गृहत्याग की भावना होनी चाहिए। जिसके बाद ही कोई भी स्टूडेंट एक अच्छा विद्यार्थी बन सकता है।
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