योजना के तहत पहले 500 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को तीन दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें उन्हें सीधे पैसा खाते में डालने के लिए वित्तीय और डिजिटल साक्षरता में भी निपुण करेंगे, ताकि यूपीआई या अन्य लेन-देन के माध्यमों से वे अपने बिजनेस को नई उड़ान दे सकें।
हर तीन महीने बाद होगी समीक्षा
इन महिलाओं को प्रशिक्षण देने के बाद हर तीन महीने के बाद उनके काम की समीक्षा भी होगी। ताकि कमियों को सुधारते हुए प्रशिक्षण में बदलाव लाया जा सके। ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ने में लगातार सहयोग होगा। इसमें राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के राज्य और जिले के अधिकारी स्तर एसएचजी सदस्यों को भी संगठित किया जा रहा है।