शौक से शायरी करना और किसी खास मकसद के लिए शायरी सीखना.. ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। हर संस्थान में कई ऐसे छात्र होते हैं जिनके अंदर पहले से ही शायरी की कला होती है। लेकिन एक संस्थान ऐसा है जहां छात्र खास तौर पर शायरी सीख रहे हैं। ये है भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IIT Gandhinagar)।
गुजरात स्थित आईआईटी गांधीनगर के छात्रों के बीच शायरी सीखने और शब्दों से दोस्ती करने का चलन बढ़ा है। इसका कारण है कि वहां के छात्रों को अलग-अलग भाषाएं सिखाई जा रही हैं। कई छात्रों ने उर्दू को अन्य भाषा (Elective course) के रूप में चुना है तो कई ने फ्रेंच को।
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शायरी की तरह है मैथ्स
इस संबंध में छात्र अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं। अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार एक छात्र ने कहा कि 'मुझे लगता है कि मैथ्स भी शायरी की तरह ही है। शायरी के लिए भी मैथ्स की तरह ही रिसर्च की जरूरत है।'
छात्रों का कहना है कि भाषा की बेहतर जानकारी बेहद जरूरी है। क्योंकि इसके जरिए आपको अपना आइडिया सही तरीके से दुनिया के सामने रखने, लोगों को अपनी बात समझाने में मदद मिलती है।
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वहीं, एक अन्य छात्रा का कहना है कि भाषाओं का ज्ञान उन्हें उनके डर से निपटने में मदद कर रहा है। आईआईटी जैसे संस्थानों में जहां छात्र तकनीकी पढ़ाई में उलझे रहते हैं, वहां इस तरह की गतिविधियों से छात्रों को अपना व्यक्तित्व निखारने में काफी मदद मिलती है।
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