पहली बार क्यूएस रैंकिंग में 45 भारतीय संस्थान
केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों में नियोक्ता की प्रतिष्ठा या नियोक्ता की विश्वसनीयता अब तक के उच्चतम स्तर पर है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को सशक्त बनाने का पीएम मोदी का दृष्टिकोण शिक्षा और विश्वविद्यालयों में सुधार के साथ शुरू होता है। एशिया में भारतीय विश्वविद्यालयों को नियोक्ता प्रतिष्ठा के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ के रूप में देखा जाता है। इस साल पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 45 भारतीय संस्थानों को जगह मिली है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग विश्वविद्यालय रैंकिंग का एक वार्षिक प्रकाशन है जिसमें वैश्विक समग्र और विषय रैंकिंग शामिल होती है।
आईआईटी बॉम्बे के लिए बड़ी उपलब्धि
वहीं, आईआईटी बॉम्बे के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने बुधवार को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के नवीनतम संस्करण में दुनिया के शीर्ष 150 विश्वविद्यालयों में शामिल होकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्यूएस के संस्थापक और सीईओ, नुंजियो क्वाक्वेरेली ने भी आईआईटी बॉम्बे को अब तक की सर्वोच्च रैंक हासिल करने के लिए बधाई दी और कहा कि उन्होंने इस साल की रैंकिंग प्रणाली के लिए 2,900 संस्थानों को स्थान दिया है और 45 भारतीय विश्वविद्यालय हैं जो रैंकिंग में दिखाई दे रहे हैं।