भारत और चीन के बीच दो साल पहले कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार के बाद से वीजा प्रतिबंधों के कारण ही उड़ान सेवा निलंबित है। चीनी अधिकारियों का कहना है कि दोनों देश सीमित उड़ानें बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इससे पहले बीते सप्ताह चीन ने कहा था कि उसने अपने यहां से वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के कारण घर लौट कर देश में फंसे भारतीय छात्रों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विदेशी छात्रों का पहला बैच जल्द ही चीन लौट सकता है। चीन के इस बयान से हजारों भारतीय छात्रों के लिए चीन में स्थित अपने कॉलेजों में फिर से शामिल होने की उम्मीद जगी है।
जल्द भारतीय छात्रों के पहले बैच की वापसी देखेंगे
भारत में चीनी राजदूत सुन वेइदॉन्ग ने कहा कि हम चीन में विदेशी छात्रों की वापसी के लिए तत्परता से काम कर रहे हैं और भारतीय छात्रों की वापसी के लिए यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी विदेशी छात्रों के लिए जल्द ही वापसी शुरू हो रही है। वेइदॉन्ग ने कहा, हमें विश्वास है कि हम बहुत जल्द भारतीय छात्रों के पहले बैच की वापसी देखेंगे और हम कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इसे जारी रखेंगे।
चीन में 23,000 से अधिक भारतीय छात्र पंजीकृत
हालांकि बीते सप्ताह, यह पूछे जाने पर कि लौटने के इच्छुक भारतीय छात्रों के बारे में यहां भारतीय दूतावास द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची की प्रक्रिया किस चरण में है, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि संबंधित जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। चीन वर्तमान में अपने कॉलेजों में फिर से शामिल होने के लिए देश लौटने के इच्छुक सैकड़ों भारतीय छात्रों की सूची को संसाधित कर रहा है। 23,000 से अधिक भारतीय छात्र चीन में पंजीकृत हैं। इनमें से ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। जो कि कथित तौर पर कोविड-19 महामारी के कारण लागू वीजा प्रतिबंधों की वजह से घर पर फंसे हुए हैं।