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INDIAN ARMY: भारतीय सैनिकों को निहत्थे युद्ध और मिश्रित मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण, सेना ने दी जानकारी

Fri, 04 Nov 2022 03:12 PM IST
सौरभ पांडे एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय सेना अपने सैनिकों को निहत्थे युद्ध और मिश्रित मार्शल आर्ट तकनीक में प्रशिक्षित कर रही है, जिससे कि किसी भी घटना का सामना बिना हथियारों के भी किया जा सकता है।
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Indian Army - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स @adgpi
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विस्तार
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भारतीय सेना अपने सैनिकों को निहत्थे युद्ध और मिश्रित मार्शल आर्ट तकनीक में प्रशिक्षित कर रही है, जिससे कि किसी भी घटना का सामना बिना हथियारों के भी किया जा सकता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में जूडो, कराटे और क्राव मागा जैसी विभिन्न मार्शल आर्ट तकनीकों से लिए गए 15-20 अलग-अलग युद्धाभ्यास शामिल हैं, जिसमें पंचिंग, किकिंग, थ्रोइंग, जॉइंट लॉक, राइफल  डिसआर्मिंग, चाकू के हमले को रोकना, पिनिंग डाउन, डोजो तकनीक, जूडो, हथियारों के हमले को रोकना, बैटन डिसआर्मिंग तकनीक, पिस्टल के हमले को रोकना जैसी चीजे शामिल हैं। प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो युद्ध टीकाकरण के लिए नए रंगरूटों को प्रशिक्षित करते हैं। नई निहत्थे युद्ध तकनीक में रक्षात्मक और आक्रामक दोनों कदम शामिल हैं। निहत्थे युद्ध तकनीक सैनिकों को अपनी शक्ति का इस तरह से उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करती है कि प्रतिद्वंद्वी को घातक मुक्का मार सकें।
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इंडियन आर्मी उत्तरी कमान ने शेयर किया वीडियो
इंडियन आर्मी उत्तरी कमान ने ट्वीटर पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे हमारे जवानों को बिना हथियारों के दुश्मनों का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।  इसमें तरह तरह के हमलों से बचने औऱ दुश्मन को खत्म करने के बारे में सिखाया जा रहा है। भारतीय सेना का मानना है कि हमारे सैनिक निहत्थे युद्ध और मिश्रित मार्शल आर्ट में अपने कौशल का प्रयोग करके किसी भी स्थिति से निपट सकते हैं।
 
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जून 2020 में हुई थी घटना 
गौरतलब है  कि जून 2020 में गलवान (लद्दाख) में एलएसी के भारतीय हिस्से में चीन द्वारा एक निगरानी चौकी के निर्माण का विरोध करने के बाद चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर हमले करने के लिए पत्थरों, कीलों से लदी डंडों, लोहे की छड़ों और क्लबों का इस्तेमाल किया था। जिसमें कई भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। जबकि चीन के सैनिक भी मारे गए थे।
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