Jagdeep Dhankhar: नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस) विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार भाषण देते हुए कहा कि भारत का उदय क्रमिक, अजेय है और इसे वैश्विक संस्थाओं से प्रशंसा मिल रही है। धनखड़ ने कहा कि अगले पांच वर्षों में भारत का उदय गुरुत्वाकर्षण बल को चुनौती देने वाले रॉकेट की तरह होगा।
उन्होंने कहा कि समानता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा सबसे प्रभावशाली परिवर्तनकारी तंत्र है। उन्होंने कहा, "भारत को एक सोया हुआ दानव माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हम आगे बढ़ रहे हैं, हमारा उदय क्रमिक, अजेय है और इसे वैश्विक संस्थाओं से प्रशंसा मिल रही है।"
धनखड़ ने कहा कि भारत वास्तव में उस स्तर पर आ गया है जहां वैश्विक संस्थाएं जो इसे सलाह देने की कोशिश कर रही थीं, वे इसकी सलाह ले रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सब हाल ही में एक दशक में हुआ है।