अंग्रेजों ने भारत पर करीबन 200 सालों तक राज किया था, उनकी गुलामी से देश को आजाद कराने के लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अहम भूमिका निभाई थी। 15 अगस्त 1947 ही वह दिन था, जब भारत पूरी तरह से अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था। इसके बाद हर साल 15 अगस्त को देश स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाता है। पिछले साल (2022) की तरह इस साल भी हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। 1947 में आजाद के बाद भारत इस बार 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। हालांकि, यहां लोग इस बात को लेकर काफी ज्यादा असमंजस में है कि भारत इस साल 76वां या 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इसके बारे में यहां चर्चा करेंगे।
76वां या 77वां स्वतंत्रता दिवस
भारत 15 अगस्त 1947 में आजाद हुआ था। आजादी के दिन से गिनती करें तो भारत आजादी की 77वां वर्षगांठ मना रहा है। हालांकि, 1948 से गिनती करें तो यह भारत के लिए 76वां स्वतंत्रता दिवस होगा। पिछले साल यानी की 2022 में आजादी का 75वां साल पूरा हुआ था। इसका मतलब है कि भारत ने पिछले साल आजादी का 76वां वर्षगांठ मनाया था। इस हिसाब से इस साल भारत आजादी का 77वां वर्षगांठ मनाने वाला है।
हर साल लाल किले में फहराया जाता है राष्ट्रीय ध्वज
भारत के आजाद होने के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। उन्होंने अपना प्रसिद्ध 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण भी यहीं से दिया था। भारत की आजादी के ही साथ देश को राष्ट्रीय ध्वज भी मिला था, जिसे तिरंगा के नाम से जाना जाता है। इसके बाद से ही यह एक परंपरा के तौर पर चलती आ रही है। इस साल स्वतंत्रता दिवस का थीम 'नेशन फर्स्ट ऑल्वेज फर्स्ट' यानी की 'राष्ट्र पहले हमेशा' पहले है।