इस बात की है चिंता
आजादी के 71 साल बीत जाने के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है, यह पूछे जाने पर अमित आजाद ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे मजबूत चीज उसकी संस्कृति और उसके संस्कार होते हैं। वे यह देखकर बेहद दुखी हैं कि आज के युवाओं की एक बड़ी संख्या नशे की गिरफ्त में है। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर सांस्कृतिक हमला किया जा रहा है। छोटे-छोटे शहरों में हुक्का बार खुल रहे हैं, शराब का सेवन फैशन बनता जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे और युवतियां नशे की गिरफ्त में हैं। इससे बचना दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई के रुप में लिया जाना चाहिए।
अमित आजाद ने अमर उजाला को बताया कि आजादी की लड़ाई के दिनों में क्रांतिकारी सचींद्र नाथ सान्याल और चंद्रशेखर आजाद ने हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी बनाई थी। इसी संस्था की प्रेरणा से उन्होंने ऐतिहासिक अनुसंधान संस्थान (हिस्टोरिकल रिसर्च एसोसिएशन) संस्था बनाई है जिसके माध्यम से वे देश के युवाओं को नशे से दूर रहने और देशभक्ति के लिए क्या करना है, इसका संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए कई राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने सबको सविनय इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे देश की सेवा करना चाहते हैं और इसके लिए युवाओं को प्रेरित करना सबसे आवश्यक समझते हैं।
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