पीटीआई द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान गुजरात में 28 निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जबकि महाराष्ट्र में 15 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश और कर्नाटक ने क्रमशः 14 और 10 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "निजी विश्वविद्यालय की स्थापना संबंधित राज्य विधानमंडल द्वारा पारित अधिनियम और संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना द्वारा की जाती है।"
उन्होंने आगे कहा, "यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 2 (एफ) के अनुसार, विश्वविद्यालय से अधिनियम की प्रतियां और अधिसूचना प्राप्त होने पर, एक निजी विश्वविद्यालय का नाम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल किया जाता है।"
अधिकारी ने कहा, ऐसे निजी विश्वविद्यालयों को यूजीसी की विशिष्ट मंजूरी के बिना सामान्य डिग्री कार्यक्रम प्रदान करने का अधिकार है। हालांकि, पेशेवर और चिकित्सा कार्यक्रमों को चलाने के लिए संबंधित नियामक या वैधानिक निकायों जैसे अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से मंजूरी जरूरी होती है।
पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में सात निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए, जबकि झारखंड और राजस्थान में इस अवधि के दौरान छह-छह विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।
बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड और तेलंगाना में पांच-पांच विश्वविद्यालय स्थापित किए गए, जबकि आंध्र प्रदेश, हरियाणा, मणिपुर, ओडिशा, तमिलनाडु, सिक्किम और उत्तर प्रदेश में चार-चार विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।
पिछले पांच वर्षों के दौरान 2018-19 शैक्षणिक सत्र में सबसे अधिक 40 निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए, जबकि 2021-22 शैक्षणिक सत्र के दौरान 34 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।