फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Integrated BEd: अब बीएड की पढ़ाई भी कराएगा आईआईटी, चार साल में मिलेगी डिग्री

Wed, 19 Apr 2023 03:34 AM IST
गुलाम अहमद सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भुवनेश्वर में आईआईटी परिषद की 55वीं बैठक में कई अहम फैसले किए गए। आईआईटी इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के बाद कला व मानविकी में पढ़ाई का मौका देगा। आईआईटी डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाएगा।
विज्ञापन
IIT Council BEd programme - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अब आईआईटी में भी चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम की पढ़ाई होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चार वर्षीय बीए-बीएड, बीकॉम-बीएड और बीएससी-बीएड प्रोग्राम आगामी सत्र से शुरू किया जा रहा है। इसी के तहत आईआईटी में भी उक्त चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। खास बात यह है कि आईआईटी में पढ़ाई के तनाव को न झेल पाने से आत्महत्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब ओर अधिक मनोचिकित्सक नियुक्त किये जाएंगे।

विज्ञापन


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में मंगलवार को भुवनेश्वर में आईआईटी काउंसिल की 55वीं बैठक आयोजित हुई। शिक्षा मंत्री ने अगले 25 सालों में नए भारत के लिए आईआईटी को 2047 का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन के माध्यम से देश और आम लोगों के लिए सस्ते उपकरण और तकनीक इजाद करना है। इसके लिए आईआईटी को छोटी-छोटी योजनाएं बनाकर अगले साल तक देनी होगी।

शिक्षकों के सभी खाली पद भरने का निर्देश
बैठक में शिक्षामंत्री ने सभी आईआईटी को खाली पदों को जल्द से जल्द भरने का निर्देश दिया है। उन्होंने एक योजना बनाकर खाली पदों को भरने को कहा है, ताकि आरक्षण नियमों का भी पालन हो सके। युवा शिक्षकों की भर्ती के लिए भी चर्चा हुई। इसमें आईआईटी बाहर से भी युवा शिक्षकों को संस्थान में पढ़ाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। इसमें उद्योग भी शामिल होंगे।
विज्ञापन


छात्रों के तनाव पर सबसे अधिक चर्चा
आईआईटी बैठक में छात्रों के बढ़ते आत्महत्या मामलोें पर सबसे अधिक चर्चा हुई। इसमें मेंटल हेल्थ पर काम करने पर राय बनीं। सभी आईआईटी में मेंटल हेल्थ पर विशेष रूप से काम होगा। मनोचिकित्सक और काउंसलर नियुक्ति किये जाएंगे, ताकि समय-समय पर छात्रों के तनाव को दूर करने पर काम हो सकें। पढ़ाई का तनाव दूर करने पर कमजोर छात्रों के लिए शिक्षकों की अतिरिक्त कक्षाएं, भाषा दिक्कत दूर करने पर भी विशेष रूप से निर्देश दिये गए हैं। एनईपी 2020 के तहत यदि कोई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ता है तो उसे मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की सुविधा मिलेगी। इसका मकसद ऐसे छात्रों को तकनीकी और अन्य कॉलेजों में दाखिला का मौका देना है।

आर्ट्स और ह्मूमैनिटीज में पढ़ाई
इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई के बाद अब आईआईटी में ऑटर्स और ह्यूमैनिटीज प्रोग्राम में पढ़ाई का मौका मिलेगा। काउंसिल बैठक में इन प्रोग्राम में पढ़ाई के विकल्प पर काम करने की अनुमति मिल गयी है। इसके तहत बीटेक के अलावा बीएससी, बीए जैसे प्रोग्राम भी शुरू हो सकेंगे। इसमें मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्स भी जोड़े जाएंगे। इसका मकसद इंजीनियिरंग के साथ साइंस या मेडिकल, मैनेजमेंट और अन्य कोर्स को जोड़ना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें