अब से करीब तीन महीने पहले, सितंबर 2019 में देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT - Indian Institute of Technology) में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (M.Tech - Master of Technology) कोर्सेज का शुल्क बढ़ाने की घोषणा की गई थी। अलग-अलग आईआईटीज के शुल्क में ये वृद्धि पांच से दस गुना तक किए जाने का फैसला लिया गया था। अब इस पर केंद्र सरकार का एक और बड़ा फैसला आया है।
केंद्र सरकार द्वारा आईआईटीज के एमटेक पाठ्यक्रमों में शुल्क वृद्धि टाले जाने का फैसला क्यों लिया गया, इस बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की है। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब हाल ही में छात्रावास की शुल्क वृद्धि को लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU Hostel Fees Hike) के छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया।
सरकार ने आईआईटी में नियुक्त होने वाले शिक्षकों के पहले पांच साल प्रोबेशन की शर्त का प्रस्ताव भी टाल दिया है। इसमें पहले पांच साल तक शिक्षकोंं के कामकाज क समीक्षा होनी थी। उसके आधार पर आगे नियमित किया जाना था।