IIT मद्रास के शोध से परीक्षा चिंता को समझने में मदद
बालासुब्रमण्यन के अनुसार, टीम ने पाया कि जिन छात्रों में नकारात्मक पैटर्न (FAA) होता है, उनके हृदय को तनाव के दौरान संतुलित रखना मुश्किल होता है। इसका मतलब है कि इन छात्रों में परीक्षा या मूल्यांकन के समय चिंता की प्रवृत्ति उनके दिल की सामान्य धड़कन और संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा, "यह सूक्ष्म समझ शैक्षणिक तनाव के प्रति हमारे दृष्टिकोण को बदल देती है - इसे विशुद्ध मनोवैज्ञानिक मुद्दे के रूप में नहीं, बल्कि मापनीय शारीरिक अंतःक्रियाओं पर आधारित मुद्दे के रूप में।"
IIT मद्रास की शोधार्थी स्वाति परमेश्वरन ने बताया कि इस अध्ययन से छात्रों की मदद के कई नए तरीके सामने आ सकते हैं। अगर इन शारीरिक और मानसिक संकेतों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सिस्टम में इस्तेमाल किया जाए, तो ऐसे उपकरण बनाए जा सकते हैं जो सीधे यह बता सकें कि कौन सा छात्र तनाव या चिंता में है। इससे शिक्षक और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से ही इन छात्रों की मदद कर पाएंगे, बिना किसी बड़े संकट का इंतजार किए।
शारीरिक और मानसिक संकेतों से होगा पता
उन्होंने कहा, "निष्कर्ष व्यक्तिगत तनाव प्रबंधन और व्यवहारिक हस्तक्षेपों के डिजाइन का भी समर्थन करते हैं, जिन्हें स्कूल और विश्वविद्यालय के कल्याण कार्यक्रमों में शामिल किया जा सकता है, तथा जो प्रतिक्रियात्मक उपचार के बजाय सक्रिय समर्थन प्रदान करते हैं।"
द्यपि यह अध्ययन अभी शुरुआती है, फिर भी 52 छात्रों के साथ किए गए इस शोध को शैक्षिक मनोविज्ञान और मस्तिष्क विज्ञान को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
शोध टीम अब इसे और आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। वे बड़े और अलग-अलग छात्रों के समूह को शामिल करेंगे और नींद के पैटर्न और गतिविधियों जैसे नए कारकों को भी देखेंगे। इसके अलावा, तनाव के समय हृदय और मस्तिष्क के बीच के संबंध को समझने के लिए उन्नत तकनीक जैसे EEG मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा।