आईआईटी-मद्रास ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में कई एडवांस सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम आरंभ किए हैं। संस्थान ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में IoT, क्लाउड और ब्लॉकचेन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। ये एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स नौ महीने के हैं, जिनमें ऑनलाइन माध्यम के जरिए पढ़ाई होगी। खास बात है कि इन एडवांस कोर्स में एक्सपर्ट फैकल्टी विद्यार्थियों को पढाएगी। इन पाठ्यक्रमों को आईआईटी-मद्रास और ग्रेट लर्निंग के शीर्ष -प्रतिष्ठित संकाय और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा सह-विकसित और सह-वितरित किया गया है।
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300 घंटों का ऑनलाइन वीडियो लर्निंग सेशन होगा आयोजित
इस प्रोग्राम में तीन सौ घंटों का ऑनलाइन वीडियो लर्निंग सेशन का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए लाइव लर्निंग सेशन होगा। इसके अलावा, क्लाउड कंप्यूटिंग में प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स होंगे। एक्सपर्ट फैकल्टी विद्यार्थियों को ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) में भी प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स कराएगी। विद्यार्थियों के लिए प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स की ऋंखला चलाई जाएगी।
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ग्रेट लर्निंग के आधिकारिक प्रेस रिलीज में बताया गया है कि इन विभिन्न पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की नौकरी के लिए तैयार करना है। इन सभी पाठ्यक्रमों के पूरा होने पर विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट आईआईटी- मद्रास की तरफ से दिया जाएगा। आईआईटी-मद्रास के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर जानकीरमण का कहना है कि जैसे-जैसे दुनिया आईओटी, क्लाउड कम्प्यूटिंग और ब्लॉकचैन जैसी तकनीकों को तेजी से अपनाएगी वैसे ही यह हमारे सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और सॉफ्टवेयर पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण होगा कि वे इन तकनीकों में महारत हासिल करें। इससे भारत सॉफ्टवेयर-वर्चस्व वाली दुनिया में बढ़त भी बनाएगा। उन्होंने कहा कि हमें ग्रेट लर्निंग के साथ इन एडवांस पाठ्यक्रमों को पेश करने पर खुशी हो रही है।