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डाटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटर में ऑनलाइन डिग्री शुरू करने वाला विश्व का पहला संस्थान बना आईआईटी मद्रास

Tue, 30 Jun 2020 02:23 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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आईआईटी मद्रास
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आईआईटी मद्रास दुनिया का पहला ऐसा शैक्षणिक संस्थान बन गया है जिसने डाटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटर के क्षेत्र में ऑनलाइन डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस ऑनलाइन डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स को लॉन्च किया। वैश्विक कोरोना महामारी के दौर में आईआईटी मद्रास ने ही सबसे पहले डाटा प्रोसेसिंग और कंप्यूटर साइंस में ऑनलाइन डिग्री और डिप्लोमा कोर्स पेश किया है। एचआरडी मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस ऑनलाइन कोर्स  को लॉन्च किया।

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एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आईआईटी,  मद्रास राष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क में हमेशा नंबर एक रहा है। जिससे देश का गौरव बढ़ा है। वह इस संस्थान के अनुसंधान कार्यों और श्रेष्ठ प्रदर्शन से वाकिफ हैं। शिक्षा मंत्री ने आईआईटी मद्रास की तरफ से पेश किए गए इस ऑनलाइन कोर्स के लिए संस्थान की सराहना की और अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी एवं आईआईएम जैसे संस्थानों ने देश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को बढ़ाया है।  एचआरडी मंत्री ने इस नए ऑनलाइन कोर्स के लिए आईआईटी मद्रास के निदेशक भास्कर राममूर्ति को बधाई दी और इस प्रयास को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी प्रोग्रामिंग एवं डाटा साइंस में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह ऑनलाइन कोर्स फायदेमंद होगा।
 

 छात्रों के साथ-साथ नौकरीपेशा भी ले सकेंगे दाखिला

शैक्षणिक सत्र 2020-21 से शुरू होने वाले इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में 2020 में 12वीं की परीक्षा देने वाले, किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में रजिस्टर्ड छात्र और नौकरीपेशा भी इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकते है। दसवीं कक्षा में इंग्लिश के साथ मैथ्स विषय की पढ़ाई अनिवार्य योग्यता है।

तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में मल्टीपल एग्जिट होंगे। पहले वर्ष की पढ़ाई पर सर्टिफिकेट,  दूसरे वर्ष में डिप्लोमा और तीसरे वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर डिग्री मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनआईआरएफ रैकिंग 2020 में आईआईटी मद्रास देश में नंबर एक पर है। आईआईटी में कठिन परीक्षा और सीट कम होने के चलते छात्र यहां पढ़ाई करने का सपना पूरा नहीं कर पाते थे। हालांकि इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम से अब ऐसे सभी छात्रों का आईआईटी से डिग्री लेने का सपना पूरा होने जा रहा है।

छात्रों के साथ-साथ नौकरीपेशा भी इस ऑनलाइन डिग्री की पढ़ाई करके कौशल विकास को बढ़ा सकते है। वहीं, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री  संजय धोत्रे ने कहा कि  यह शिक्षा में एक नई क्रांति है।  

 2026 तक 11.5 मिलियन रोजगार मिलेंगे 

भारत समेत दुनिया भर के उद्योगों में प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस की मांग बढ़ती जा रही है। भविष्य में होने वाले औद्योगिक विकास में इसका महत्वपूर्ण योगदान होगा। एक अनुमान के मुताबिक,2026 तक 11.5 मिलियन डेटा साइंस डिग्रीधारकों की जरूरत होगी।

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ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम तीन चरणों  में चलेगा:

वोकेशनल डिग्री प्रोग्राम की तर्ज पर ऑनलाइन बीएससी प्रोग्रामिंग और डेटा साइंस प्रोग्राम तीन अलग-अलग चरणों में चलेगा।  पहला फाउंडेशनल प्रोग्राम, दूसरा डिप्लोमा प्रोग्राम और  तीसरा डिग्री प्रोग्राम होगा। छात्र किसी भी चरण में कोर्स छोड़ सकते हैं ।

उसी के आधार पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री मिलेगी।  पात्रता के आधार पर, इच्छुक उम्मीदवारों को क्वालीफायर परीक्षा के लिए एक फॉर्म भरना होगा। इसके लिए तीन हजार रुपये फीस देनी होगी। छात्रों को चार सप्ताह के लिए चार  विषयों (गणित, अंग्रेजी, सांख्यिकी और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग) के पाठ्यक्रम मिलेंगे।

छात्र ऑनलाइन माध्यम द्वारा पाठ्यक्रम प्राप्त करेंगे। ऑनलाइन असाइनमेंट जमा करेंगे। इसके बाद  चौथे सप्ताह के अंत में परीक्षा होगी।  आईआईटी की पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं के बिल्कुल अलग 50 फीसदी स्कोर हासिल करने वाले छात्र क्वालीफायर परीक्षा पास कर लेंगे इसके बाद उन्हें इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में दाखिला मिलेगा।
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